भाजपा के लिए एक तरफ राहत की बात ये है कि उसकी पचास फीसदी सीटों पर सिंगल उम्मीदवार हैं। वहां पार्टी किसी दूसरे नाम पर विचार नहीं करेगी। इन उम्मीदवारों की सूची लगभग तैयार है। उसे अब किसी भी वक्त जारी किया जा सकता है। बाकी बची सीटों पर भाजपा के लिए दिक्कत है। यहां पर कई भाजपा नेता अपने परिजनों के लिए टिकट मांग रहे हैं तो दूसरी ओर वे नेता जो हाल ही में अन्य दलों भाजपा में आए हैं, ये भी टिकट पर खुद का दावा कर रहे हैं।
परिजनों के लिए टिकट मांगने वाली सूची में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद चौ. बीरेंद्र सिंह का नाम भी शामिल है। उनके बेटे ब्रजेंद्र सिंह हिसार लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता उचाना कलां सीट से निवर्तमान विधायक हैं। भाजपा का एक खेमा इस बार प्रेमलता को विधानसभा टिकट देने के खिलाफ है। खेमे के नेताओं का कहना है कि अगर प्रेमलता को टिकट मिलता है तो यह परिवारवाद को बढ़ावा देने वाला कदम होगा। एक तरफ भाजपा राजनीति में परिवारवाद के खिलाफ है और दूसरी ओर हरियाणा में एक ही परिवार के तीन सदस्य जनप्रतिनिधि बन रहे हैं।
भाजपा के दूसरे गुट का कहना है कि हो सकता है कि उचाना कलां सीट से चौटाला परिवार का कोई सदस्य मैदान में आ जाए। ऐसी स्थिति में उसे टक्कर देने के लिए उम्मीदवार बदलने का फैसला पार्टी के लिए आत्मघाती कदम सिद्ध हो सकता है। इसी तरह हरियाणा सरकार में मंत्री कविता जैन के पति एवं सीएम के मीडिया एडवाइजर राजीव जैन को टिकट देने की चर्चा चल रही है। मंत्री रामबिलास शर्मा भी चाहते हैं कि इस बार उनके बेटे को टिकट मिल जाए। परिजनों के लिए टिकट मांगने वाली सूची में दर्जनों नेता शामिल हैं।
परिवारवाद की इस फेहरिस्त में कांग्रेस भी पीछे नहीं है। हालांकि भाजपा की तरह कांग्रेस हाईकमान ने भी परिवारवाद के खिलाफ खड़े होने की बात कही है। लेकिन नेताओं का अपने परिजनों के लिए टिकट मांगने का रुख बताता है कि ऐसे नियम केवल दिखाने के लिए होते हैं। तकरीबन हर जिले में कोई न कोई नेता अपने पुत्र, पुत्री या पत्नी के लिए टिकट मांग रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री स्व: भजनलाल के परिवार से ऐसी मांग आ रही है।
कुलदीप बिश्नोई, उनके भाई एवं पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन एवं परिवार के दूसरे सदस्य भी टिकटार्थियों की दौड़ में शामिल हैं। कैप्टन अजय यादव भी अपने बेटे के लिए टिकट चाहते हैं। दूसरे जिलों में भी अमूमन ऐसा ही है।माना जा रहा है कि आखिर में कांग्रेस और भाजपा में यही देखा जाएगा कि जीतने वाला उम्मीदवार कौन है। जो भी सीट निकालने की स्थिति में होगा, टिकट उसे ही मिलेगा।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर करनाल सीट, पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला टोहाना सीट, ऐलनाबाद में अभय सिंह चौटाला के सामने पवन बैनीवाल, अंबाला कैंट से मंत्री अनिल विज, जगाधरी से मौजूदा विधायक व स्पीकर कंवरपाल गुर्जर, पंचकूला से ज्ञानचंद गुप्ता, नारनौंद से वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु, बहादुरगढ़ से निवर्तमान विधायक नरेश कौशिक, बादली से मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, हिसार सीट से मौजूदा विधायक डॉ. कमल गुप्ता, हांसी से विनोद भ्याना, रोहतक से मनीष ग्रोवर, राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी शाहबाद सीट, मंत्री राव नरबीर सिंह बादहशाहपुर, सोहना से तेजपाल तंवर, आरक्षित सीट होडल से पूर्व मंत्री जगदीश नैयर, यमुनानगर से घनश्याम दास अरोड़ा, हथीन सीट से केहर सिंह रावत और कालका से निवर्तमान विधायक लतिका शर्मा को टिकट मिलने की प्रबल संभावना है।
कांग्रेस पार्टी ने उम्मीदवारों के नाम फाइनल करने के लिए वीरवार को दिल्ली में प्रदेश चुनाव समिति की बैठक बुलाई है। यह बैठक पंजाब भवन में होगी। बैठक की अध्यक्षता समिति की चेयरपर्सन एवं प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष कुमारी शैलजा करेंगी। इस मौके पर पार्टी के हरियाणा मामलों के प्रभारी गुलाम नबी आजाद भी मौजूद रहेंगे। चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों से बुधवार शाम तक आवेदन मांगे गए हैं।
कांग्रेस पार्टी की पहली सूची में भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रणदीप सिंह सुरजेवाला, किरण चौधरी, कुलदीप बिश्नोई, हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा, फूलचंद मुलाना, अजय सिंह यादव, डॉ रघुबीर सिंह कादियान, कुलदीप शर्मा, महेंद्र प्रताप सिंह, आनंद सिंह दांगी, कर्ण सिंह दलाल, सावित्री जिंदल, आफताब अहमद, जयवीर सिंह वाल्मीकि, बीबी बतरा, शकुंतला खटक और अनिल धन्तौड़ी आदि नेताओं का नाम शामिल हो सकता है।