राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह
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हैदराबाद में एक पशु चिकित्सक के साथ हैवानियत करने के बाद आरोपियों ने उन्हें जिंदा जला दिया। जिसपर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने दुख जताया है। इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली की निर्भया की याद दिला दी है। घटना को लेकर उन्होंने कहा कि हमें सोचना होगा कि हम कहां जा रहे हैं।
हरिवंश ने इस घटना को अंदर तक झकझोरने वाला बताया है। उन्होंने कहा, मैंने जब इस घटना के बारे में पढ़ा तो मेरे रोंगटे खड़े हो गए। उस युवा महिला डॉक्टर के साथ किस तक बर्बरता की गई। हम सबको एक बार इस पर विचार करने की जरूरत है कि एक समाज के तौर पर हम कहां जा रहे हैं?
राज्यसभा के उपसभापति ने कहा, 'विनोबा भावे ने 1950 के दौर में एक बार कहा था कि हम पश्चिम के विकास मॉडल को अपना रहे हैं। पता नहीं यह उपभोक्तावादी संस्कृति हमें कहां ले जाएगी। यदि कोई व्यक्ति अपने धन, सपंत्ति और स्वास्थ्य खो देता है तो उसे फिर से हासिल किया जा सकता है। लेकिन यदि कोई उसके जीवन के मूल्य नष्ट हो जाएं तो उससे होनेवाले नुकसान की भरपाई कभी नहीं हो सकती।'
वरिष्ठ पत्रकार रह चुके हरिवंश ने चरित्र निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'हमें इस बात पर शर्मिंदा होना चाहिए कि एक अपनी बेटियों को एक सुरक्षित समाज देने में असफल रहे हैं। जैसा कि गांधीजी ने कहा था कि हमारे समाज में चरित्र निर्माण पर जोर देने की काफी ज्यादा जरूरत है। हमें एक ऐसे समाज को बनाने पर जोर देना चाहिए जो हर तरह के लालच से दूर हो।'