अदालती आदेश के बावजूद बिना नोटिस दिए अवैध निर्माणों को ढहाने के मामले में हरिद्वार के जिला अधिकारी(डीएम) और रुड़की एसडीएम द्वारा दिए गए माफीनामे को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।
हरिद्वार के डीएम व रुड़की के एसडीएम को फिर से माफीनामा देने का आदेश
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि हम वैसे लोगों को नहीं पसंद करते जो कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करते। पीठ ने कहा कि हम उनके माफीनामे से हम संतुष्ट नहीं हैं। वास्तव में पीठ ने पाया कि इन अधिकारियों के माफीनामे को बिना शर्त माफी नहीं कहा जा सकता। पीठ ने उन्हें फिर से हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है।
अदालती आदेश के बावजूद बिना नोटिस दिए गिरा दिए थे अवैध निर्माण
पिछली सुनवाई में पीठ ने दोनों वरिष्ठ अधिकारियों से पूछा था कि अदालती आदेश के बावजूद उन्होंने बिना नोटिस दिए अवैध निर्माणों को ढहाया गया। अधिकारियों का कहना था कि अदालत के आदेश पहुंचने से पहले कार्रवाई की जा चुकी थी। इस पर पीठ ने उनसे पूछा था कि आखिर अदालती आदेश की अनदेखी कर क्यों कार्रवाई की गई।