पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल का गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल के प्रति झुकाव देखा जा रहा है। हार्दिक ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के समर्थन में बयान जारी करते हुए उनसे यह बताने की अपील की है कि वह उनके समुदाय के लिए क्या कर सकते हैं।
केजरीवाल गुजरात की चार दिवसीय यात्रा पर है। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य में मजबूत पटेल समुदाय को रिझाने के तौर पर व्यापक रूप से देखा जा रहा है। राज्य में भाजपा लंबे समय से सत्ता में है लेकिन अब उसे चुनौतियों का सामना करना पड़ कहा है। जेल से बाहर आने के बाद हार्दिक को गुजरात की सभी राजनीतिक पार्टियां रिझाने में लगी हैं।
उन्होंने घोषणा की है कि यदि उनके समुदाय के सदस्यों ने चाहा तो वह राजनीति में उतर सकते हैं। पाटीदार अनामत आंदोलन समिति ने अब तक राजनीतिक दलों से दूरी बनाए रखी है लेकिन जब कभी भाजपा और कांग्रेस ने पटेल बहुल इलाकों में कार्यक्रम आयोजित करने की कोशिश की तब उन्होंने इनके नेताओं से दूरी बनाए रखी।
सेना के ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ पर की गई उनकी टिप्पणी को लेकर एक स्थानीय संगठन युवा आजादी के सदस्यों ने प्रदर्शन किया है। पटेल ने उदयपुर से अपने बयान में कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का उस वक्त विरोध नहीं करना चाहिए जब वह उन लोगों के परिजनों से मिलने आ रहे हैं जो पाटीदार समुदाय के आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए हैं। वह हमारी दशा के बारे में देश को बताएंगे। बाद में हार्दिक ने अपने संगठन के सदस्यों के जरिए मेहसाना में एक लिखित ज्ञापन केजरीवाल को सौंपा जिसमें उन्होंने आप नेता से यह बताने को कहा कि वह पटेल समुदाय के लिए क्या कर सकते हैं।