जी-20 के भारतीय शेरपा अमिताभ कांत ने भी एक समाचार चैनल में इस बात की पुष्टि की कि आम सहमति बनाने में ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया ने पूरा सहयोग किया। उन्होंने कहा, नई दिल्ली घोषणापत्र पर सदस्य देशों से 200 घंटे तक चर्चा हुई। रूस और चीन के साथ अलग से लंबी बातचीत हुई, जिसके बाद शुक्रवार रात को अंतिम मसौदे पर सहमति बनी।
एक रात पहले की कठिन समझौता वार्ता ने भारत को वह सफलता दिला दी जिसके लिए पीएम मोदी की टीम जी-20 अध्यक्षता मिलने के बाद से ही दिन रात परिश्रम कर रही थी। दरअसल शुक्रवार शाम तक यूक्रेन मुद्दे को लेकर दिल्ली घोषणापत्र पर आम सहमति का मामला अटका हुआ था। यह खतरा भी मंडरा रहा था कि क्या शिखर सम्मेलन से एकजुट बयान जारी हो पाएगा, लेकिन इसके बाद भारतीय टीम ने चीन, रूस और पश्चिम के देशों के प्रतिनिधियों के साथ फिर से वार्ता का दौर शुरू किया। इसमें भारत को ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया का पूरा सहयोग मिला। इन प्रयासों से भारत को यूक्रेन मसले पर तैयार अनुच्छेद को लेकर चीन को सहमत करने में कामयाबी मिल गई। बाद में यूरोपीय देशों ने भी इस पैरे में लिखी बातों से सहमति जता दी।
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जी-20 के भारतीय शेरपा अमिताभ कांत ने भी एक समाचार चैनल में इस बात की पुष्टि की कि आम सहमति बनाने में ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया ने पूरा सहयोग किया। उन्होंने कहा, नई दिल्ली घोषणापत्र पर सदस्य देशों से 200 घंटे तक चर्चा हुई। रूस और चीन के साथ अलग से लंबी बातचीत हुई, जिसके बाद शुक्रवार रात को अंतिम मसौदे पर सहमति बनी।
फ्रांस के राजनयिकों में से एक ने बताया कि भारत ने सभी देशों को साथ लाने में अपनी ताकत और क्षमता का पूरा प्रदर्शन किया। इस राजनयिक ने बताया कि भारत ने सभी की टिप्पणियां लेने और यूक्रेन विवाद पर समझौता कायम करने के लिए जिस तरह काम किया वैसा कई देश नहीं कर सकते। यूरोपीय टीम के एक सदस्य ने भी बताया कि साझा घोषणापत्र के लिए बेहद जटिल बातचीत हुई और आम सहमति बना पाना भारत की बड़ी उपलब्धि है। बाली घोषणापत्र में रूसी आक्रामकता के जिक्र के यहां गायब रहने के बारे में इस सूत्र ने कहा कि पश्चिमी देश कुल मिलाकर यहां सामने आए परिणाम से संतुष्ट हैं।
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एक अन्य सूत्र ने बताया कि भारत ने जी-20 के सभी सदस्यों को शुक्रवार रात को घोषणापत्र की प्रति सौंपी और यह भी कहा कि यदि सब इसपर सहमत नहीं हुए तो इस बार कोई घोषणापत्र जारी नहीं होगा।
पीएम मोदी ने किया एलान
बता दें कि शिखर सम्मेलन के पहले ही दिन, दूसरे सत्र की शुरुआत में पीएम मोदी ने विदेशी मेहमानों को संबोधित करते हुए कहा, नई दिल्ली 'जी 20 डिक्लेरेशन' पर सहमति बनी है। इसके बाद मोदी ने कहा, मैं चाहता हूं कि इस डिक्लेरेशन को 'एडॉप्ट' कर लिया जाए। कुछ ही देर बाद मोदी ने घोषणा कर दी कि दिल्ली 'डिक्लेरेशन' को मंजूर कर लिया गया है। भारत की अध्यक्षता में हो रहे शिखर सम्मेलन में यह एक बड़ी जीत थी।