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Parliament: CM सरमा ने विपक्षी दलों पर साधा निशाना, बोले- अपना चेहरा बचाने के लिए कर रहे उद्घाटन का बहिष्कार

Wed, 24 May 2023 06:26 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि विपक्ष को उम्मीद नहीं थी कि यह इतनी जल्दी पूरा हो जाएगा। इसलिए बहिष्कार किया जा रहा है।
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा - फोटो : twitter.com/himantabiswa
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विस्तार
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नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह से पहले सियासी घमासान मचा हुआ है। 19 विपक्षी राजनीतिक दलों ने बुधवार को साझा बयान जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा इसके उद्घाटन का बहिष्कार किया। वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वर सरमा ने इसको लेकर विपक्ष की आलोचना की है। सरमा ने कहा कि विपक्ष को उम्मीद नहीं थी कि यह इतनी जल्दी पूरा हो जाएगा।  इसलिए बहिष्कार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बहिष्कार एक कारण यह भी हो सकता है कि उद्घाटन का दिन विनायक दामोदर सावरकर की जयंती से मेल खाता है। 

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सरमा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, बहिष्कार जाहिर है। उन्होंने संसद भवन के निर्माण का विरोध किया। उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि निर्माण इतनी जल्दी पूरा हो जाएगा। इसलिए, यह सबकुछ विपक्ष के लिए बाउंसर की तरह हुआ है। उन्होंने कहा कि (विपक्षी दल) सिर्फ अपना चेहरा बचाने के लिए वे बहिष्कार का नाटक कर रहे हैं। संसद भवन सावरकर से जुड़े दिन खुलेगा। यह उनके लिए समारोह का विरोध या बहिष्कार करने का एक और कारण हो सकता है।

विपक्षी दलों ने नए संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करने का फैसला किया। इनका कहना है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बगैर संसद भ वन का उद्घाटन का प्रधानमंत्री मोदी का फैसला राष्ट्रपति के उच्च पद का अपमान करता है और संविधान की मूल भावना का उल्लंघन करता है। समान विचारधारा वाले विपक्षी दलों ने एक साझा बयान में कहा कि प्रधानमंत्री का इमारत का उद्घाटन खुद से करने का फैसला हमारे लोकतंत्र पर सीधा हमला है। नए संसद भवन का उद्घाटन 28 मई को किया जाएगा।
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उन्होंने कहा, जब संसद से लोकतंत्र की आत्मा को निकाल लिया गया है, तो हमें एक नए भवन की कोई कीमत नजर नहीं आती है। हम नए संसद भवन का उद्घाटन का बहिष्कार करने के अपने सामूहिक फैसले की घोषणा करते हैं। हम इस अधिनायकवादी प्रधानमंत्री और उनकी सरकार के खिाफ लड़ना जारी रखेंगे और अपने संदेश को सीधे भारत के लोगों तक पहुंचाएंगे। 

उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने वाले 19 विपक्षी दलों में कांग्रेस, द्रमुक, आम आदमी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी), समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, जनता दल (यूनाइटेड), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), राजद, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, नेशनल कांफ्रेंस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, केरल कांग्रेस (मणि), विधुथलाई चिरुंथैगल काची, राष्ट्रीय लोक दल, रिवोल्यूशनरी  सोशलिस्ट पार्टी और मारुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम शामिल हैं।   

बयान में कहा गया है कि नए संसद भवन का उद्घाटन एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा, 'हमारे इस विश्वास के बावजूद कि सरकार लोकतंत्र के लिए खतरा है और जिस निरंकुश तरीके से नई संसद का निर्माण किया गया, हम अपने मतभेदों को भुलाने और इस अवसर को चिह्नित करने के लिए तैयार थे। लेकिन, राष्ट्रपति मुर्मू को पूरी तरह से दरकिनार करते हुए नए संसद भवन का उद्घाटन करने का प्रधानमंत्री मोदी का निर्णय न केवल एक अपमान है, बल्कि हमारे लोकतंत्र पर सीधा हमला है।

सरमा ने एक ट्वीट में यह भी लिखा, बीते नौ वर्षों में पांच गैर भाजपा/विपक्षी राज्य सरकारों ने या तो एक नए विधानसभा भवन की आधारशिला रखी या उद्घाटन किया। यह सब या तो मुख्यमंत्री या पार्टी अध्यक्ष द्वारा किया गया था। एक भी मामले में राज्यपाल या राष्ट्रपति आमंत्रित नहीं किया गया था। 

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