जी-20 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी (फाइल)
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आगामी वर्ष 2023 में होने वाले जी-20 के वार्षिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत करेगा। इसके लिए विदेश मंत्रालय से लेकर पर्यटन मंत्रालय अभी से तैयारियों में जुट गए हैं। देश के मेट्रो शहरों से लेकर छोटे शहरों में जी-20 की बैठकों का आयोजन किया जाएगा। देशभर के 55 एतिहासिक स्थलों पर इन बैठकों की मेजबानी करने की योजना बनाई गई है। इनमें हम्पी और खजुराहो भी शामिल हैं।
पर्यटन मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि इन बैठकों के लिए ऐतिहासिक स्थलों को चुनने का विचार इसलिए किया गया है, ताकि इन विरासत स्थलों को भी दुनिया के ध्यान में लाया जा सके।
उम्मीद है कि भारत जी-20 की अध्यक्षता के दौरान सालभर 200 से ज्यादा बैठकों की मेजबानी करेगा। वार्षिक शिखर सम्मेलन का समापन अगले साल 9 और 10 सितंबर को होगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, विभिन्न राज्यों में 55 स्थानों पर ये बैठकें आयोजित करने की योजना है। हम महानगरों, राज्यों की राजधानियों, महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों सहित अन्य स्थानों को कवर करेंगे। उन्होंने बताया कि इन 55 स्थानों में टिर-2 और टियर-3 शहरों को भी शामिल किया जाएगा जो सांस्कृतिक विरासत में समृद्ध हैं। इसलिए, हम एक बैठक कच्छ के रन, एक-एक सिलीगुड़ी, हम्पी और खजुराहों में आयोजित करेंगे।
कर्नाटक में हम्पी के खंडहर और मध्यप्रदेश के खजुराहो में मंदिरों का समूह यूनेस्को की विश्व धरोहरों स्थलों में से एक हैं। हम्पी के पहाड़ी इलाकों में विजयनगर साम्राज्य की राजधानी (14वीं-16वीं शताब्दी) के अवशेष शामिल हैं। यह घरेलू और विदेशी यात्रियों के बीच एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। वहीं खजुराहों के प्राचीन मंदिर अपनी उत्कृष्ट नक्काशी के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं, इन्हें चंदेल वंश के दौरान बनाया गया था। खजराहो मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले का एक छोटा शहर है और यात्रियों की एक पसंदीदा जगह है।