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Gaza Israel Airstrike: गाजा में इस्राइली हमले पर राजदूत अजार बोले- हमास कूटनीतिक रास्ता अपनाए या भुगते अंजाम

Tue, 18 Mar 2025 11:56 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गाजा में इस्राइल का कहर....युद्ध विराम समझौते के बाद इस्राइल ने गाजा पट्टी पर सबसे बड़ा हवाई हमला किया। इस हमले में सैकड़ों लोगों की मौत हो गई और इससे कहीं ज्यादा लोग घायल हो गए। इस्राइल द्वारा किए गए इस कृत्य पर अब भारत में इस्राइली राजदूत रूवेन अजार ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हमास ने इस्राइल के पास कोई और विकल्प नहीं छोड़ा है।
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भारत में इस्राइली रूवेन अजार ने - फोटो : ANI
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विस्तार
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इस्राइल और हमास के बीच दिन-प्रतिदिन तनाव बढ़ते ही जा रहें है। युद्ध विराम के बाद से गाजा पट्टी पर इस्राइल के अब तक के सबसे घातक हवाई हमले में सैकड़ों लोग मारे गए। गाजा पट्टी पर हुए इस हमले की चर्ची पूरी दुनियाभर में हो रही है। इसी बीच भारत में इस्राइल के राजदूत रूवेन अजार ने मंगलवार को इस हमले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हमास ने इस्राइल के पास सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करने के अलावा कई और विकल्प नहीं छोड़ा है। 
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बता दें कि इस्राइल ने हमास के साथ बढ़ते तनाव का संकेत देते हुए आज तड़के गाजा पट्टी पर एक बड़ा हवाई हमला किया। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इस हमले में 400 से अधिक लोग मारे गए। साथ ही 500 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं।

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राजदूत अजार ने दी प्रतिक्रिया
इस्राइल के हमले को लेकर राजदूत अजार ने कहा कि हमास ने 7 अक्टूबर, 2023 को इस्राइल पर किए गए हमले में पकड़े गए 59 बंधकों को रिहा करने से इनकार कर दिया और युद्ध विराम के लिए अमेरिका के प्रस्तावों को भी नकार दिया। उन्होंने कहा कि हमास ने जो उद्देश्य रखा है, वह इस्राइल का पूर्ण आत्मसमर्पण है, लेकिन यह कभी नहीं होगा। साथ ही अजार ने चेतावनी दी कि अगर हमास के बंधकों को कोई नुकसान हुआ, तो हमास को इसका बहुत बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा। 

गाजा पट्टी को छोड़नी होगी सत्ता
अजार ने कहा कि हमास को कूटनीतिक रास्ते पर लौटकर गाजा पट्टी में अपनी सत्ता छोड़नी चाहिए। अगर हमास ऐसा नहीं करता और अमेरिकी प्रस्तावों को खारिज करता है, तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि गाजा का पुनर्निर्माण हमास द्वारा सत्ता छोड़ने पर निर्भर करेगा, और फलस्तीनी लोगों को एक अच्छे और उदार नेतृत्व की आवश्यकता है।
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पीओके में हमास की उपस्थिति पर जताई चिंता

इसके अलावा, अजार ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हमास की उपस्थिति पर भी चिंता जताई और इसे इस क्षेत्र में उदारवादियों के लिए खराब संकेत बताया। उन्होंने यमन में हूती विद्रोहियों पर हाल ही में अमेरिकी हवाई हमलों का स्वागत किया। साथ ही कहा कि ये हमले समुद्री व्यापार को खतरे में डाल रहे हैं, जो एक बहुत ही गंभीर स्थिति है। अजार ने यह भी कहा कि ईरान हौथी विद्रोहियों के पीछे मुख्य ताकत के रूप में खड़ा है, और उम्मीद जताई कि अमेरिका के हमलों से हौथियों को अपनी गलतियों का एहसास होगा और वे ऐसे हमले बंद कर देंगे।

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