मुंबई हाईकोर्ट ने कल ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए हाजी अली की दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर लगी पाबंदी हटा दी। यानि अब महिलाएं भी दरगाह के अंदर जा सकती हैं।
बता दें कि हाजी अली की दरगाह में महिलाएं पहले भी जाती थीं मगर वो दरगाह के अंदर नहीं जा सकती थीं, पर कोर्ट का यह फैसला आने के बाद अब महिलाएं भी दरगाह के अंदर जा सकती हैं।
यह ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि कानून के तहत सभी को समानता हासिल है और हर व्यक्ति को मनचाहे धर्म को मानने को मूलभूत अधिकार है।
मुंबई हाईकोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले पर जनता की राय जानने के लिए अमर उजाला ने पोल का आयोजन किया। पोल में हमने जनता से सवाल पूछा था कि क्या आप हाजी अली पर आए हाईकोर्ट के फैसले को समानता की लड़ाई में महिलाओं की जीत के रुप में देखते हैं?
अमर उजाल पोल में पूछे गए इस सवाल पर हमें लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। हमें प्राप्त जवाबों में 75 प्रतिशत लोगों का मनना है कि कोर्ट का यह ऐतिहासिक फैसला समानता की लड़ाई में महिलाओं की जीत है।
वहीं 23 प्रतिशत लोगों का मानना है कि कोर्ट का यह फैसला समानता की लड़ाई में महिलाओं की जीत नहीं है। इसी प्रकार तीन प्रतिशत लोगों इस मुद्दे पर कोई राय नहीं रखतें।