एअर इंडिया के एक पायलट को बाल झड़ने का इलाज करवाना महंगा पड़ गया। दरअसल, इस पायलट को पिछले साल ब्रीद एनालाइजर टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने पर 3 साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया था।
पायलट का कहना है कि जिस दिन उन्हें यह कहकर सस्पेंड किया गया था कि ब्रीद एनालाइजर टेस्ट के दौरान उनके शरीर में अल्कोहल निर्धारित मात्रा से ज्यादा मिला है, ठीक उसी दिन कुछ समय बाद उन्होंने एक निजी लैब से जांच करवाई थी। प्राइवेट लैब की रिपोर्ट के मुताबिक उनके शरीर में अल्कोहल की मात्रा शून्य बताई गई थी।
उन्होंने डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के आदेश के खिलाफ अपने निलंबन को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दे दी। दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। साथ ही पाया कि जरूरी नहीं कि उस दौरान पायलट नशे में ही हो।
पायलट का कहना है कि वह अपने बालों के झड़ने का इलाज करवा रहा है। यह जानकारी उन्होंने पहले ही दे दी थी। डॉक्टरों द्वारा दी गई दवाओं में भी अल्कोहल की मात्रा बताई गई थी। एअर इंडिया की जांच रिपोर्ट में अल्कोहल की मात्रा 0.16 से 0.20 बताई गई जोकि उड़ान के लिए निर्धारित अंतरराष्ट्रीय मानक 0.40 से कम थी।
जिस दिन यह जांच की गई, ठीक उसके कुछ समय बाद वे एक प्राइवेट लैब पहुंचे और अपने शरीर में अल्कोहल की मात्रा की जांच करवाई। प्राइवेट लैब में अल्कोहल की मात्रा 0.0 बताई गई। बता दें कि विमानन नियमों के तहत चालक दल के सदस्यों को उड़ान से 12 घंटे पहले शराब का सेवन करने पर पाबंदी होती है।
ब्रीद एनालाइजर टेस्ट में 181 पायलट दोषी पाए गए
पिछले चार साल में देश के 181 पायलट ब्रीद एनालाइजर टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए। इनमें 2015 में 43, 2016 में 44 और 2017-18 में कुल 94 पायलटों के शरीर में अल्कोहल की मात्रा ज्यादा पाई गई थी। एविएशन रेग्युलेटर ने इस मामले में सख्ती भी दिखाई। पिछले साल ही एअर इंडिया के डायरेक्टर अरविंद कठपालिया का फ्लाइंग लाइसेंस भी तीन साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया था।