रघुराम राजन के पिता और पूर्व सरकारी अधिकारी आर गोविंद राजन ने राजन पर हो रहे व्यक्तिगत हमलों पर दुख प्रकट करते हुए कहा है कि अगर सरकार इस मामले में पहले दखल देती तो शायद वो अपने पद पर बने रह सकते थे। गोविंद राजन ने कहा, 'मुझे लगता है अगर सरकार की प्रतिक्रिया इस मुद्दे पर पहले आई होती तो राजन को ये फैसला नहीं लेना पड़ता।'
इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक उनके पिता गोविंद राजन ने कहा कि पूरी दुनिया देख रहा थी कि किस तरह मेरे बेटे पर योजनाबद्ध तरीके से व्यक्तिगत हमले किये जा रहे थे। राजन की 76 वर्षीय मां मैथिली ने कहा कि अगर सवाल करने हैं तो उनकी नीतियों और काम पर किए जाने चाहिए नाकि उनके ऊपर व्यक्तिगत हमले किए जानो चाहिए और उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाए जाने चाहिए।
राजन के पिता के साथ राजीव गांधी सरकार ने भी किया था ऐसा ही बर्ताव
राजन का मां मैथिली ने कहा कि सरकार में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद जब हमारी देशभक्ति पर सवाल उठाए गए तो मेरे पति को काफी तकलीफ पहुंची। उन्होंने कहा, 'जिंदगी हमारे लिए कभी आसान नहीं रही। मेरे पति उस तरह के इंसान है जो अपने नौकरी के लिए जीते है। उनके लिए मैं, बच्चे कभी प्राथमिकता में नहीं थे।' गोविंद राजन इस दौरान मैथिली को रोकने का प्रयास कर रहे थे।
रघुराम राजन के पिता गोविंदराजन का कार्यकाल भी सरकार के साथ ऐसे ही कड़वाहट के साथ खत्म हुआ था। गोविंदराजन तब भारतीय खुफिया एजेंसी राॅ के चीफ पद के लिए उम्मीदवार थे लेकिन बोफोर्स घोटाले में त्तकालिक प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ मतभेदों के चलते उनका इस पद पर प्रोन्नति पर रोक दिया गया था। गोविंदराजन से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अब वो इस मुद्दे पर बात नहीं करना चाहते हैं।
मोदी ने भी दिया राजन का साथ
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बीते दिनों सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से राजन पर लगाए गए आरोपों के बारे में पीएम मोदी ने एक इंटरव्यू में कहा, 'राजन किसी से कम राष्ट्रभक्त नहीं हैं।' स्वामी की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, 'कोई भी सिस्टम से ऊपर नहीं है। पब्लिसिटी के लिए दिए गए बयानों को कभी सही नहीं ठहराया जा सकता है। फिर चाहे मेरी पार्टी की बात हो या नहीं, इस प्रकार की बातों को सही नहीं ठहराया जा सकता है। लोगों को जिम्मेदारी के साथ बर्ताव करना चाहिए। अगर कोई खुद को सिस्टम से ऊपर समझता है तो वह गलत है।'
पीएम मोदी ने इस इंटरव्यू के दौरान राजन की खुलकर तारीफ की थी। उन्होंने कहा, 'उनके साथ मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा। जो कार्य उन्होंने किया है, मैं उसकी सराहना करता हूं। वह किसी से कम राष्ट्रभक्त नहीं हैं। वह देश से प्रेम करते हैं। वह जहां भी कार्य करेंगे, देश के लिए करेंगे।'
Published by- Vikrant Singh