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अनलॉक-3: दिल्ली सरकार के फैसले से जिम मालिकों की टूटी उम्मीद

Mon, 14 Jun 2021 02:49 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

  • अनलॉक-तीन में भी इस बार भी दिल्ली के जिम मालिकों को निराशा हाथ लगी है। इसे लेकर 5500 से अधिक जिम के एसोसएशन ने उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से अनुमति की मांग की है।
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जिम - फोटो : pixabay
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विस्तार
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कोरोना महामारी के बीच लॉकडाउन में दी जा रही ढील में अब सभी गतिविधियों को सामान्य किया जा रहा है। अनलॉक-तीन के तहत भी दिल्ली सरकार ने साप्ताहिक बाजारों को लेकर रेस्तरां को 50 फीसदी क्षमता के साथ खुलने की अनुमति दे दी है।

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सरकार से की जिम उद्योग की सुध लेने की मांग 
लेकिन, इस बार भी दिल्ली के जिम मालिकों को निराशा हाथ लगी है। इसे लेकर 5500 से अधिक जिम के एसोसएशन ने उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से अनुमति की मांग की है। दिल्ली जिम एसोसिएशन के उपाध्यक्ष चिराग सेठी ने कहा कि अनलॉक-तीन में जिम को फिर से प्रतिबंधित सूची में डाल दिया गया है।

इससे जिम मालिकों व कर्मचारियों पर अत्यधिक वित्तीय बोझ पड़ रहा है। जिम लगभग दो महीने से बंद हैं। इस वजह से जिम मालिकों और कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति वास्तव में खराब है। कुछ स्टाफ सदस्यों के पास अपने परिवारों के लिए बुनियादी राशन तक नहीं है।
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सेठी ने कहा कि हर सप्ताह एक उम्मीद दी जाती है कि जिम खुलेंगे और हर हफ्ते इस समयावधि को एक सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन एलजी कार्यालय और सीएम कार्यालय से अनुरोध करता है कि जिम मालिकों को एक निश्चित तारीख दी जाए, नहीं तो  दिल्ली में हजारों जिम बंद हो जाएंगे जिससे बड़े पैमाने पर बेरोजगारी होगी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में 5500 जिम हैं और करीब एक लाख लोग अपनी आजीविका के लिए जिम पर निर्भर हैं। जिम बंद होने से लोगों के आगे रोजगार का संकट खड़ा हो गया है और कोरोना महामारी में उन्हें कहीं ओर काम भी नहीं मिल रहा है। यही वजह है कि दो वक्त की रोटी का भी संकट है। सेठी ने कहा कि सरकार को जिम उद्योग की भी सुध लेकर मदद करनी चाहिए, नहीं तो जिम मालिक जिम को बंद करने पर मजबूर हो जाएंगे। क्योंकि, इसमें लोगों ने अपनी पूरी जमापूंजी को निवेश किया हुआ है। उनके पास कोई और विकल्प नहीं है। 

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