फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurpatwant Singh Pannu: पांच एजेंसियां तोड़ेंगी खालिस्तान की कमर, पूरा नहीं होगा 'भविष्य की राजधानी' का सपना

सार

Gurpatwant Singh Pannu: पन्नू ने पाकिस्तान में यह घोषणा की है कि वह 'पंजाब इंडिपेंडेंस रेफरेंडम' शुरू करेगा। इसके लिए 26 जनवरी 2023 का दिन तय किया गया है। पन्नू ने कहा, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में एक साथ जनमत संग्रह कराया जाएगा...
विज्ञापन
gurpatwant singh pannu - फोटो : Agency (File Photo)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत में खालिस्तान मूवमेंट की कमर तोड़ने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पूरी तैयारी कर ली है। पांच केंद्रीय एजेंसियों को यह टॉस्क प्रदान किया गया है। दिल्ली और उसके आसपास के छह राज्यों में यह खास ऑपरेशन शुरू होगा। प्रतिबंधित संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' का संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नू, जून में अमेरिका से पाकिस्तान आया था। लाहौर में पन्नू ने मीडिया के सामने खालिस्तान का नया नक्शा पेश किया। उस नक्शे में 'शिमला' को खालिस्तान की 'भविष्य की राजधानी' बताया गया है। पन्नू ने पंजाब सहित कई राज्यों में 'जनमत संग्रह' कराने की तारीखों की घोषणा भी की थी। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड में आईबी, एनआईए, ईडी, रॉ व दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, संबंधित राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम देगी।

जड़ों पर प्रहार करने की तैयारी

केंद्रीय गृह मंत्रालय में इस सप्ताह हुई एक अहम बैठक में यह फैसला लिया गया है। विभिन्न एजेंसियों से कहा गया है कि वे खालिस्तान मूवमेंट से जुड़ी हर छोटी बड़ी बात को साझा करें। खालिस्तान के लिए जनमत संग्रह, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी 'आईएसआई' की मदद से भारत में तोड़फोड़ की गतिविधियां, किसान व युवाओं को बरगलाना और अपने गुर्गों तक हथियार एवं आईईडी आदि विस्फोटक सामग्री पहुंचाना, इन सभी बातों को विशेष ऑपरेशन के तहत काउंटर किया जाएगा। खालिस्तानी संगठन की मदद से पंजाब व दूसरे सीमावर्ती राज्यों में जो राष्ट्र विरोधी गतिविधियां शुरू की गई हैं, उनकी जड़ों पर प्रहार करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि एनआईए द्वारा पहले ही 'सिख फॉर जस्टिस' सहित कई दूसरे सिख संगठनों को प्रतिबंधित संगठनों की सूची में शामिल किया गया है। गुरपतवंत सिंह पन्नू को आतंकवादी घोषित किया गया है। पंजाब में उसकी प्रॉपर्टी जब्त की गई है। चूंकि वह विदेश से अपनी गतिविधियां संचालित करता है, इसलिए भारतीय एजेंसियां वहां तक नहीं पहुंच पा रही हैं। उसे भारत लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई है।

नए सिरे से दर्ज होगी एफआईआर …

अब दोबारा से पन्नू व उसके सहयोगी संगठनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। दूसरे प्रतिबंधित संगठनों में खालिस्तानी लिबरेशन फ्रंट, बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान टाइगर फोर्स व सिख यूथ फेडरेशन आदि शामिल हैं। केंद्रीय एजेंसियों के पास ऐसी जानकारी है कि ये संगठन अब दूसरे राज्यों में भी अपने पांव पसार रहा है। इन संगठनों की फंडिंग प्रक्रिया व सोशल मीडिया पहुंच को लेकर गहन छानबीन की जा रही है। अभी तक पन्नू अपने यू-ट्यूब चैनल के जरिए भारत में नफरत फैलाता आया है। कभी वह स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले में खालिस्तान का झंडा फहराने वाले को ईनाम देने की घोषणा करता है, तो कभी प्रधानमंत्री व किसी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में तोड़फोड़ की धमकी दे देता है। किसान आंदोलन के दौरान भी ऐसी बातें देखने को मिली थीं। भारत सरकार ने दो साल पहले पाकिस्तान को एक डोजियर सौंपा था। उसमें कहा गया कि खालिस्तान समर्थक, पाकिस्तान की जमीन से अपनी गतिविधियां संचालित करते हैं। भारत ने खालिस्तानी नेता गोपाल सिंह चावला के आतंकी संगठन जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद के साथ फोटो पेश किए थे। दूसरे खालिस्तानी नेता जगरूप सिंह रूपा, हरमीत सिंह, लखवीर सिंह रोडे, तारा सिंह, महेंद्र सिंह व बिशन सिंह जैसे कई नामों की जानकारी दी गई।

पन्नू के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज

जुलाई 2020 में पंजाब पुलिस ने अमृतसर और कपूरथला में गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज किया था। कई दूसरे राज्यों में भी पन्नू के खिलाफ मामले दर्ज हुए हैं। इस साल हिमाचल प्रदेश विधानसभा के गेट पर खालिस्तान का झंडा लगा दिया गया था। हरियाणा के गुरुग्राम और अंबाला में सरकारी कार्यालयों पर खालिस्तानी झंडा फहराने की घोषणा की गई। 16 अप्रैल को गुरुग्राम में पन्नू के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज हुआ था। 29 अप्रैल को 'खालिस्तान दिवस' के तौर पर मनाने का एलान किया गया। पन्नू ने अपने चैनल के जरिए कहा, हरियाणा, पंजाब का हिस्सा है।

'पंजाब इंडिपेंडेंस रेफरेंडम' शुरू करेगा पन्नू

पन्नू ने पाकिस्तान में यह घोषणा की है कि वह 'पंजाब इंडिपेंडेंस रेफरेंडम' शुरू करेगा। इसके लिए 26 जनवरी 2023 का दिन तय किया गया है। पन्नू ने कहा, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में एक साथ जनमत संग्रह कराया जाएगा। पिछले कुछ समय से पन्नू द्वारा पकिस्तान की मदद से भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन के ज़रिए हथियार व ड्रग्स पहुंचाने का प्रयास हो रहा है। करनाल में पकड़े गए बब्बर खालसा के चार आतंकियों का संबंध, पाकिस्तान में बैठे हरविंदर रिंदा के साथ देखने को मिला है। तरनतारन में मिले आरडीएक्स केस में भी रिंदा का हाथ बताया जा रहा है। पटियाला में 30 अप्रैल को दो समुदायों के बीच जो झड़प हुई, उसके पीछे भी खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू का हाथ बताया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें