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Politics: गूंगी गुड़िया टिप्पणी पर महाराष्ट्र में सियासत तेज, सुनेत्रा पवार को लेकर कांग्रेस-एनसीपी आमने-सामने

Tue, 04 Aug 2026 04:20 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Gungi Gudiya Remark On Sunetra Pawar: महाराष्ट्र की उप-मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को लेकर कांग्रेस की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस ने उन्हें 'गूंगी गुड़िया' कहा। इसके बाद राकांपा और महायुति नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। वहीं रोहित पवार ने टिप्पणी के संदर्भ की बात कही। इस विवाद की शुरुआत कैसे हुई और किस नेता ने क्या कहा? आइए, सहकुछ विस्तार से जानते हैं...
 
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सुनेत्रा पवार को 'गूंगी गुड़िया' कहने पर कांग्रेस क्यों घिरी? - फोटो : नितिन नवीन, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा
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विस्तार
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महाराष्ट्र की उप-मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को लेकर कांग्रेस की सोशल मीडिया पोस्ट पर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने एक वीडियो साझा करते हुए सुनेत्रा पवार को 'गूंगी गुड़िया' कहा। इसके बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने कांग्रेस पर महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। वहीं महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री शिंदे ने भी कांग्रेस की टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि राज्य की पहली महिला उप-मुख्यमंत्री के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल शर्मनाक है। इस मुद्दे पर अब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।

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विवाद की शुरुआत उस वीडियो से हुई, जिसमें राकांपा नेता धनंजय मुंडे कथित तौर पर बीड जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर एक पत्रकार के सवाल से सुनेत्रा पवार को बचाते नजर आए। कांग्रेस ने इसी वीडियो के साथ सोशल मीडिया पर लिखा कि सुनेत्रा पवार आखिर कब तक 'गूंगी गुड़िया' बनी रहेंगी। सुनेत्रा पवार बीड जिले की संरक्षक मंत्री हैं। इसी जिले में सरपंच संतोष देशमुख हत्याकांड का मामला चर्चा में रहा है, जिसमें धनंजय मुंडे के करीबी वाल्मिक कराड मुख्य आरोपी हैं।

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राकांपा ने कांग्रेस पर क्या पलटवार किया?

राकांपा के प्रवक्ता उमेश पाटिल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लोकतंत्र में नीतियों की आलोचना हो सकती है, लेकिन महिलाओं का अपमान करने वाली भाषा किसी राजनीतिक दल को शोभा नहीं देती। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस अब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लिए कभी इस्तेमाल किए गए 'गूंगी गुड़िया' जैसे शब्दों को सही मानती है। पाटिल ने कहा कि कांग्रेस की यह टिप्पणी उसकी अपनी राजनीतिक परंपरा के भी खिलाफ है। उन्होंने कांग्रेस से यह शब्द वापस लेने और सार्वजनिक जीवन में गरिमा बनाए रखने की अपील की।

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कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने क्या कहा?

  • महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने अपनी पार्टी का बचाव करते हुए कहा कि यह टिप्पणी न तो अपमानजनक है और न ही असंसदीय। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वालों को आलोचना को सकारात्मक रूप से स्वीकार करना चाहिए।
  • कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुंबई के गांधी भवन में पत्रकारों से कहा कि 'गूंगी गुड़िया' शब्द का इस्तेमाल पहले पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लिए भी किया गया था। लेकिन उन्होंने अपने काम से खुद को साबित किया और बाद में उन्हें मजबूत नेता माना गया। सपकाल ने कहा कि सुनेत्रा पवार को भी अपने काम के जरिए नेतृत्व साबित करना चाहिए। उनके मुताबिक यह टिप्पणी राजनीतिक थी, व्यक्तिगत नहीं।
  • सपकाल ने कहा कि बीड जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकार सवाल पूछ रहा था, लेकिन एनसीपी नेता धनंजय मुंडे ने उसे बीच में रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुनेत्रा पवार ने भी इस दौरान कोई जवाब नहीं दिया और न ही पत्रकार के सवाल का समर्थन किया। कांग्रेस का कहना है कि इसी वजह से यह राजनीतिक टिप्पणी की गई। पार्टी का आरोप है कि सुनेत्रा पवार कई अहम मुद्दों पर लगातार चुप रही हैं।

रोहित पवार और एकनाथ शिंदे ने क्या कहा?

राकांपा (शरदचंद्र पवार) के नेता रोहित पवार ने कहा कि इस पूरे मामले को उसके संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, एक पत्रकार सुनेत्रा पवार से सवाल पूछना चाहता था, लेकिन स्थानीय नेता ने उसे ऐसा करने से रोक दिया और सुनेत्रा पवार ने इसका विरोध नहीं किया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी को भी कभी 'गूंगी गुड़िया' कहा गया था, लेकिन उन्होंने अपने काम से आलोचकों को जवाब दिया था। दूसरी ओर, महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री शिंदे ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की पहली महिला उप-मुख्यमंत्री के लिए इस तरह की टिप्पणी करना पूरे महाराष्ट्र की महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस बयान पर शर्म आनी चाहिए।

यह विवाद राजनीतिक रूप से क्यों अहम माना जा रहा?

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब महाराष्ट्र की राजनीति में बीड जिले की कानून-व्यवस्था और संतोष देशमुख हत्याकांड को लेकर पहले से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। कांग्रेस ने सुनेत्रा पवार की चुप्पी को मुद्दा बनाया, जबकि राकांपा और महायुति के नेताओं ने इसे महिलाओं के सम्मान से जोड़ दिया। अब यह मामला केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिला सम्मान, राजनीतिक भाषा और सार्वजनिक संवाद की मर्यादा पर भी नई बहस छेड़ चुका है।

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