विपक्षी नेता गुलाम नबी आजाद ने मंगलवार को राज्यसभा में तीन तालाक पर चर्चा के दौरान सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि तीन तालाक विधेयक राजनीति से प्रेरित है। आजाद ने कहा ये इसलिए किया जा रहा है कि मुस्लिम परिवार अदालतों में मुकदमें लडे़ और कंगाल हो जाए। इससे केवल मुस्लिम घरों की बरबादी ही होगी।
मुस्लिम पुरुषों को मामले में तीन साल की कैद के मुद्दे का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि ये उस तरह है, जैसे किसी को गुस्सा करने या धमकी देने के लिए जेल भेज दिया जाए, जो कि किसी भी रिश्ते में सामान्य सी बात है। उन्होंने अनुरोध किया कि बिल को सिलेक्ट कमेटी के पास भेज दिया जाए और कमेटी इस मामले में चर्चा करे की बिल में क्या रखा जाना चाहिए और क्या हटा देना चाहिए।
भाजपा पर आरोप लगाते हुए आजाद ने कहा कि उन्होंने पहले भी बिल को लेकर विरोध दर्ज कराया था, पर सरकार ने केवल बिल की कॉस्मेटिक सर्जरी कर फिर से पेश कर दिया है। विधेयक को राजनीति से प्रेरित होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इससे केवल मुस्लिम परिवारों में कलह बढेंगा। अगर सरकार को सुप्रीम कोर्ट की बात ही माननी है तो भीड़ हिंसा पर भी एक कानून लाना चाहिए। आजाद ने कहा कि इस्लाम में शादी एक सिविल कांट्रैक्ट है, जबकि सरकार इसे एक आपराधिक चेहरा देने जा रही है।