फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तैरकर स्कूल जाने वाले बच्चों की मेहनत नहीं हुई सफल

Wed, 25 May 2016 07:45 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला , नई दिल्ली
विज्ञापन
स्कूल के सिर्फ 19.27 प्रतिशत बच्चे ही इस बार की परीक्षा में उत्तीर्ण हो पाए - फोटो : Indian express
विज्ञापन
गुजरात शिक्षा बोर्ड के नतीजों में उतावली गांव में स्थित श्री मस्‍तराम विनय हायर सेकेंड्री स्‍कूल का उत्‍तीर्ण प्रतिशत राज्‍य में सबसे खराब रहा है। इस स्कूल के सिर्फ 19.27 प्रतिशत बच्चे ही इस बार की परीक्षा में उत्तीर्ण हो पाए हैं। यह स्कूल 2014 में इंडियन एक्सप्रेस के एक खबर के बाद प्रकाश में आया था जिसमें यह बताया गया था कि कैसे बच्‍चों को हर दिन एक नदी पार करके स्‍कूल तक पहुंचना पड़ता है।
विज्ञापन
  इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इस साल स्‍कूल के 358 बच्‍चों ने मार्च में दसवीं की परीक्षा दी थी, लेकिन उनमें से सिर्फ 69 ही पास हो पाए हैं। गुजरात सेकेंड्री एंड हायर सेकेंड्री के आंकड़ों के मुताबिक 2015 में स्‍कूल के 45.21 प्रतिशत बच्चों ने परीक्षा उत्‍तीर्ण की थी।   3 अगस्‍त, 2014 को इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया था कि कैसे छोटा उदयपुर जिले के सनखेड़ा तालुका के 16 आदिवासी गांवों के 125 बच्‍चे रोज पीतल की नाव में बैठकर हिरण नदी को पार करके नर्मदा जिले के उतावली गांव के स्‍कूल में पढ़ने जाते हैं।
विज्ञापन
  इंडियन एक्सप्रेस में यह खबर प्रकाशित होने के बाद राष्‍ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस भेजा था जिसके बाद 20 अगस्त, 2014 को गुजरात सरकार ने नदी पर पुल बनामे का लंबित प्रस्ताव पारित कर दिया था। 2014 में न्यूयार्क से एक एनआरआई दंपत्ति ने बच्चों की मदद के लिए एक मोटरबोट दान की थी लेकिन 2015 में मानसून फीका रहने से नदी में उफान नहीं आया और नाव धरी की धरी रह गई। कुछ निजी ट्रस्टों ने अब इस गांव के निकट दो स्कूल भी खोल दिए हैं, जिसके चलते अबतक वहां से 125 से ज्यादा बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया है।   वहीं खराब रिजल्‍ट का ठीकरा बच्‍चों के सिर फोड़ते हुए श्री मस्‍तराम विनय हायर सेकेंड्री स्‍कूल के प्रधानाचार्य कांति बारिया कहते है कि इस शै‍क्षणिक सत्र में बच्‍चों पर ज्‍यादा ध्‍यान दिया गया था। उन्होंने कहा कि हमारे पास नियमित शिक्षाकर्मी है और परीक्षाओं के लिए हमने छात्रों को अतिरिक्त कोचिंग दी थी। परिणामों से हमें निराशा हुई है, बच्चों ने सही तरीके से पढ़ाई नहीं की। उनके मुताबिक जिन 358 बच्‍चों ने परीक्षा दी, उनमें से सात तैरकर नदी पार करते थे और उनमें से चार पास हुए हैं।
विज्ञापन
   
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें