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Gujarat: आत्मनिर्भर बनेंगे गुजरात के उद्योग, सरकार देगी प्रोत्साहन, भूपेंद्र पटेल सरकार ने योजना का किया एलान

Wed, 05 Oct 2022 08:09 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर

सार

मुख्यमंत्री ने इस महत्वाकांक्षी योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि गुजरात उद्यमियों और उद्यमिता की भूमि है। गुजरात ऐसी अपार क्षमताओं के परिणामस्वरूप प्रधानमंत्री के 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को साकार करने को तत्पर है।
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए आत्मनिर्भर गुजरात योजना लॉन्च की - फोटो : ट्विटर/भूपेंद्र पटेल
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विस्तार
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आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'आत्मनिर्भर भारत' बनाने का आह्वान किया था। राज्य की भूपेंद्र पटेल सरकार ने इस आह्वान को स्वीकार करते हुए आत्मनिर्भर गुजरात के तहत उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना का एलान किया है। 

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मुख्यमंत्री पटेल ने राज्यमंत्री जगदीश विश्वकर्मा की मौजूदगी में 'द आत्मनिर्भर गुजरात स्कीम्स फॉर असिस्टेंस टू इंडस्ट्रीज' योजना की घोषणा की। 

मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2047 तक आत्मनिर्भर भारत बनाने का लक्ष्य दिया है। इस साल भारत अपनी आजादी का शताब्दी वर्ष मनाएगा। उन्होंने आयात पर निर्भरता कम करने के साथ ही ऊर्जा स्वनिर्भरता बढ़ाने और वैश्विक आपूर्ति शृंखला में भारत का रणनीतिक स्थान बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में भारत दुनिया में सबसे तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। ऐसे में इस योजना का मूल उद्देश्य इन अवसरों का लाभ उठाते हुए उद्योगों को आकर्षित करना और स्थानीय उत्पादों को सहयोग प्रदान कर गुजरात को रोजगार और उत्पादन के (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्रों में गुजरात को आत्मनिर्भर बनाना है।
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मुख्यमंत्री ने इस महत्वाकांक्षी योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि गुजरात उद्यमियों और उद्यमिता की भूमि है और देश का मैन्युफैक्चरिंग हब है। गुजरात ऐसी अपार क्षमताओं के परिणामस्वरूप प्रधानमंत्री के 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को साकार करने में 'आत्मनिर्भर गुजरात' के जरिए नेतृत्व करने को तत्पर है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस विजन को पूरा करने के लिए आने वाले वर्षों में देश में रणनीतिक और थ्रस्ट एरिया (महत्वपूर्ण क्षेत्र) के उद्योगों को जिन विशेष सहायताओं की आवश्यकता है, उसे पूरा करने में यह स्कीम उपयुक्त साबित होगी। 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कॉप-26 समिट में 'पंचामृत' का विचार दिया है। इस विचार के अनुकूल उद्योगों को 'क्लीनर मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टीसेज' और 'डी कार्बनाइजेशन इनिशियेटिव' अपनाकर विश्व के साथ प्रतिस्पर्धा में खड़े रहने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु भी यह योजना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस 'द आत्मनिर्भर गुजरात स्कीम्स फॉर असिस्टेंस टू इंडस्ट्रीज' के मार्फत राज्य सरकार ने उद्यमियों की उद्यमशीलता और उनकी अपेक्षाओं को और भी अधिक प्रोत्साहित कर, उनके निवेश के जोखिमों को कम करने का लक्ष्य रखा है।

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