गुजरात के राजकोट से प्रकाशित एक सांध्य दैनिक में अप्रैल फूल दिवस पर 500 और 1000 के नोटों को अमान्य करने के संबंध में छपी खबर सौ फीसदी सच निकली। अखबार ने एक अप्रैल को मजाक में छपी खबर में कहा था कि सरकार 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद कर देगी। 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ठीक यही घोषणा की। इसके बाद से सांध्य दैनिक के दफ्तर में लगातार फोन की घंटी बज रही है।
सांध्य दैनिक में छपी खबर में कहा गया था कि राजग सरकार ने काला धन और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने का निर्णय किया है। 8 नवंबर को देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भी नोटों को अमान्य घोषित करते हुए बिल्कुल यही बातें कही थी। सांध्य दैनिक अकीला की संपादकीय टीम अब लोगों को जवाब देते-देते परेशान हो उठी है। उसका कहना है कि यह खबर 1 अप्रैल 2016 के अंक में अप्रैल फूल पर होने वाले मजाक के तौर पर प्रकाशित की थी।
मंगलवार की रात पीएम की ओर से घोषणा किए जाने के बाद सांध्य दैनिक में प्रकाशित खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और इसके बाद से अखबार के दफ्तर में फोन आने का सिलसिला शुरू हो गया। अखबार के मालिक और संपादक किरीट गनात्रा का कहना है कि उन्होंने एक अप्रैल को मजाक के रूप में इस खबर को प्रकाशित किया था। इसका हकीकत से कोई लेना देना नहीं था। यह बस संयोग की बात है कि छह महीने के बाद खबर सच साबित हो गई।