पुलिस ने एक सीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर गाजा युद्ध के पीड़ितों के नाम पर गुजरात की मस्जिदों से धन जुटाने वाले एक गिरोह का सदस्य है।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने गाजा पीड़ित बनकर मस्जिदों से जबरन वसूली करने वाले एक सीरियाई गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने अली मेघात अलजहर नाम के एक सीरियाई नागरिक को हिरासत में लिया है। वह टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। पूछताछ के दौरान पता चला कि वह इस पैसे का इस्तेमाल ऐशो-आराम की जिंदगी जीने में कर रहा था।
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अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के मुताबिक, पुलिस कार्रवाई के बाद उसके तीन साथी भूमिगत हो गए हैं। यह पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि वसूले गए पैसे का इस्तेमाल किस काम में किया जा रहा था। मामले की जांच की जा रही है। अली मेघात अलजहर को हिरासत में लेने, काली सूची में डालने और निर्वासित करने की कार्रवाई की गई है।
क्या है मामला?
दरअसल, पुलिस ने एक सीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर गाजा युद्ध के पीड़ितों के नाम पर गुजरात की मस्जिदों से धन जुटाने वाले एक गिरोह का सदस्य है। अहमदाबाद अपराध शाखा ने बताया कि ऐसी गतिविधियां देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं। केंद्र व राज्य सरकार की एजेंसियां इसके पीछे के मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।
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निर्वासित करने की प्रक्रिया शुरू
अपराध शाखा ने एक विज्ञप्ति में कहा, 'गाजा पीड़ितों के नाम पर मस्जिदों से धन जुटाने के आरोप में एक सीरियाई गिरोह के सदस्य को हिरासत में लिया गया है। उसके तीन साथी फरार हैं।' अपराध शाखा के मुताबिक, आरोपी पर्यटक वीजा पर भारत आए थे। वे देश के पर्यटक वीजा नियमों का उल्लंघन करने वाले कार्यों में लिप्त थे। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि गिरोह अपनी विलासितापूर्ण जीवनशैली के लिए धन जुटा रहा था। अपराध शाखा ने गिरफ्तार आरोपियों को काली सूची में डालने और निर्वासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।