आयोजकों ने बताया कि मोदक को 60,000 डिब्बों में पैक करके पाटीदार परिवारों में बांट दिया जाएगा। पीड़ितों का प्रतिनिधित्व करने वाले संघ के सदस्य नरेन्द्र परमार ने इस पर प्रतिक्रिया दी।
गुजरात में 2022 में मोरबी पुल हादसा मामले में मुख्य आरोपी उद्योगपति जयसुख पटेल को मोरबी जिले में पाटीदार समुदाय के एक कार्यक्रम में सम्मानित किए जाने के बाद आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस पुल हादसे में 135 लोगों की मौत हुई थी। पीड़ितों के परिजनों ने इस कार्यक्रम को लेकर दुख जताया। आयोजकों का कहना है कि जमानत पर जेल से बाहर आए जयसुख पटेल को अजंता समूह की स्थापना करने वाले उद्योगपति ओआर पटेल के बेटे के के तौर पर सम्मानित किया गया था। उमा संस्कारधाम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर कडवा पाटीदार कन्या केलवानी मंडल द्वारा आयोजित समारोह में पटेल को तराजू पर मोदक के साथ तौला गया।
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आयोजकों ने बताया कि मोदक को 60,000 डिब्बों में पैक करके पाटीदार परिवारों में बांट दिया जाएगा। पीड़ितों का प्रतिनिधित्व करने वाले संघ के सदस्य नरेन्द्र परमार ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "मोरबी सस्पेंशन ब्रिज ढहने के मामले में मुख्य आरोपी को इस तरह सम्मानित होते देखना हमारे लिए दुख की बात है।" बता दें कि हाल ही में एक अदालत ने मोरबी जिले में पटेल के प्रवेश पर प्रतिबंध से जुड़ी जमानत की शर्त में ढील दी थी।
मोरबी पुल हादसे में अपनी 10 वर्षीय बेटी को खोने वाले परमार ने कहा, "मुझे पटेल के सम्मान समारोह के बारे में एक समाचार के माध्यम से पता चला और मुझे दुख हुआ। मोरबी में उनके प्रवेश करने पर रोक लगी थी, लेकिन उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए अदालत से अनुमति ली। यह घटना और एक बच्चे को खोना ऐसी चीज नहीं है जिसे कोई अपने जीवनकाल में भूल सकता है।" कार्यक्रम आयोजित करने वाले संगठन के एक सदस्य एके पटेल ने कहा कि उन्होंने जयसुख पटेल को उनके पिता दिवंगत ओआर. पटेल को श्रद्धांजलि देने के लिए सम्मानित किया था। बता दें कि ओआर. पटेल ने अजंता समूह की स्थापना की थी।