गुजरात की 3 राज्यसभा सीटों के नतीजे आ चुके हैं। तीन में से बीजेपी को 2 और कांग्रेस को एक सीट पर जीत मिली है। इसके साथ ही उस बड़े राजनीतिक गतिरोध का पटाक्षेप हो गया है, जिसकी बिसात पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच गुजरात से लेकर नई दिल्ली तक रस्सा-कशी हुई।
इस क्रम में बीजेपी और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडलों ने 3-3 बार चुनाव आयोग के दफ्तर तक दौड़ लगाई, जिसमें कांग्रेस को जीत मिली। दरअसल, कांग्रेस के दो विधायकों ने बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार बलवंत सिंह को वोट दिया था और अपने वोट की नुमाइश की थी।
कांग्रेस ने इन वोटों को रद्द करने की मांग की थी, जिसे चुनाव आयोग ने मान लिया। इसके बाद चुनाव आयोग ने देर रात नतीजों की घोषणा की। इस चुनाव में बीजेपी की तरफ से अमित शाह, स्मृति ईरानी और कांग्रेस के अहमद पटेल ने जीत हासिल की। अहमद पटेल को 44 वोट मिले।
अहमद पटेल ने जीत के बाद ट्वीट करते हुए लिखा, 'सत्यमेव जयते'। ये सिर्फ मेरी जीत नहीं, बल्कि सरकारी मशीनरी के गलत इस्तेमाल, धनबल और बाहुबल की हार है।
सत्यमेव जयते
— Ahmed Patel (@ahmedpatel) August 8, 2017
This is not just my victory. It is a defeat of the most blatant use of money power,muscle power and abuse of state machinery
— Ahmed Patel (@ahmedpatel) August 8, 2017
JDU ने शरद यादव के विश्वासपात्र अरुण श्रीवास्तव को महासचिव पद से हटाया
गुजरात के 3 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस के चाणक्य अहमद पटेल की साख के लिए सवाल बनकर खड़े थे, जिसमें फिलहाल अहमद पटेल ने बाजी मार ली है। इसके साथ ही अहमद पटेल पांचवीं बार राज्यसभा पहुंच चुके हैं। इस चुनाव में अहमद पटेल को हराने के लिए बीजेपी ने पूरा जोर लगाया हुआ था, पर उसके सारे प्रयास फेल रहे। इन राज्यसभा सीटों के लिए 6.30 बजे नतीजे घोषित किए जाने थे, पर विवाद के चलते नतीजे देर रात तक घोषित नहीं किए जा सके थे।
आर्टिकल 324 के तहत EC ने रद्द किए दो विधायकों के वोट
अमित शाह, नितिन पटेल, विजय रूपानी
- फोटो : ANI
रात करीब 11.30 बजे संविधान के आर्टिकल 324 के तहत चुनाव आयोग ने कांग्रेस के विधायकों भोला भाई गोहिल और राघव भाई पटेल के वोट रद्द कर दिए गए और राज्यसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी। जिसने नतीजे सामने आ चुके हैं।
EC asks Returning Officer to start counting of votes after segregating the votes in question #GujaratRSPolls
— ANI (@ANI) August 8, 2017
अहमद पटेल ने चुनाव आयोग के आदेश के बाद कहा कि मैं चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत करता हूं। उन्होंने कांग्रेस विधायकों की तारीफ भी की।
I appreciate the order of the Election Commission. I salute my MLAs & rank & file of the Congress Party: Ahmed Patel #GujaratRSPolls pic.twitter.com/0ZfHlf90Y8
— ANI (@ANI) August 8, 2017
कांग्रेस के दोनों विधायकों के वोट रद्द होने की खबर आते ही गुजरात कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया।
Congress workers in Gandhinagar celebrate EC's verdict declaring votes of two Congress MLAs as invalid #GujaratRSPolls pic.twitter.com/sxCkDuLFCd
— ANI (@ANI) August 8, 2017
बता दें कि चुनाव आयोग से कांग्रेस ने अपने बागी दो विधायकों के वोट रद्द करने की मांग की थी। जिसे चुनाव आयोग ने मान लिया। कांग्रेस ने कहा था कि राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के दौरान कांग्रेस के दो विधायकों के वोट बीजेपी के प्रत्याशी के पक्ष में गए थे। कांग्रेस ने इन्हीं दोनों वोटों को रद्द करने की मांग की थी। कांग्रेस अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि दोनों कांग्रेसी विधायकों ने वोटों की गिनती से पहले ही बता कि उन्होंने अमित शाह को वोट दिया है।
ऐसे वोट रद्द किए जाने चाहिए। इस बात की वीडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। शक्तिसिंह ने कहा कि दोनों विधायकों के वीडियो के साथ अगर छेड़छाड़ हुई है, तो हम सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने इसे आपराधिक कृत्य करार दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वोटर अपने वोट को अगर पार्टी के एजेंट के अलावा किसी और को बताता है, तो वो रद्द हो जाता है।
#FLASH EC declares votes of Congress MLAs Bhola Bhai Gohil & Raghav Bhai Patel as invalid #GujaratRSPolls pic.twitter.com/3gUZusT2SB
— ANI (@ANI) August 8, 2017
इस दौरान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह तमाम बड़े नेताओं के साथ काउंटिंग की जगह पर डेला डाले रहे।
Gujarat: Amit Shah, CM Vijay Rupani, Bhupender Yadav & othe rparty members sitting outside counting center in Gandhinagar #GujaratRSPolls pic.twitter.com/n3b1MZDKrs
— ANI (@ANI) August 8, 2017
संविधान विशेषज्ञ ने कहा था-जल्द फैसला सुनाए ईसी
सुभाष कश्यप
- फोटो : ANI
संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप ने कहा था कि चुनाव आयोग को अपना फैसला जल्द सुनाना चाहिए। अगर कोई उससे सहमत नहीं है तो वो कोर्ट की शरण में जाए।
Not legal issue; political drama. If there was objection,should've been raised during polling: Subhash Kashyap, constitution expert #Gujarat pic.twitter.com/iOAMDkLGvl
— ANI (@ANI) August 8, 2017
Anyhow how will one identify two votes that they want to be disqualified? It is not possible practically : Subhash Kashyap #GujaratRSPolls pic.twitter.com/orPUza0sTl
— ANI (@ANI) August 8, 2017
बीजेपी-कांग्रेस ने 3-3 बार लगाई ईसी दफ्तर की दौड़
रणदीप सुरजेवाला
- फोटो : ANI
कांग्रेस ने इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग से की थी। इसके जवाब में बीजेपी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल भी चुनाव आयोग पहुंचा था। बीजेपी के चुनाव आयोग पहुंचने के बाद कांग्रेस दोबारा चुनाव आयोग पहुंची, तो बीजेपी भी चुनाव आयोग पहुंची। बीजेपी-कांग्रेस जोर आजमाइश के इस खेल में यहीं नहीं रुके, दोनों ही पार्टियों के नुमाइंदे तीसरी बार चुनाव आयोग की दर पर पहुंचे, हालांकि चुनाव आयोग के अधिकारियों ने दोनों ही दलों के प्रतिनिधियों से तीसरी बार मिलने से मना कर दिया।
EC officials did not meet Congress & BJP delegations for the third time; officials are in closed door meeting right now #GujaratRSPolls
— ANI (@ANI) August 8, 2017
इस मामले में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि कांग्रेस चुनाव आयोग पर दबाव न डाले। अगर कांग्रेस नेता बार बार चुनाव आयोग आएंगे, तो हम भी आएंगे।
Congress cannot put undue pressure on EC. If Congress party goes to EC the third time, so will we: RS Prasad #GujaratRSPolls pic.twitter.com/W0LQjUk0t4
— ANI (@ANI) August 8, 2017
दूसरी बार चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचे रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक कांग्रेस के आरोप बेबुनियाद है। कांग्रेस पार्टी बिखर रही है, इसीलिए वो बार बार चुनाव आयोग पहुंच रही है। वो हार रही है, इसीलिए वो डर रही है। उन्होंने कहा कि वीडियो में चुनाव आयोग ने कुछ भी गलत नहीं पाया है। हमनें चुनाव आयोग से अपील की है कि वो जल्द से जल्द काउंटिंग शुरू करे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने डर की वजह से दोबारा अपने बड़े नेताओं के साथ चुनाव आयोग पहुंची है।
Have full faith in EC,Congress's allegations have no substance and they are giving wrong precedents: RS Prasad after meeting EC again pic.twitter.com/Y7gPrDReMO
— ANI (@ANI) August 8, 2017
कांग्रेसी नेताओं के दूसरी बार चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचने के बाद पी चिदंबरम ने कहा कि चुनाव आयोग को दोनों वोट रद्द करने ही चाहिए, जैसे उसने जून 2016 में किया था।
EC must reject these ballot papers as it did in Haryana in June 2016- P Chidambaram,Cong #GujaratRSPolls
— ANI (@ANI) August 8, 2017
There is enough evidence that the ballot paper were seen by ppl other than those authorized- P Chidambaram,Cong #GujaratRSPolls pic.twitter.com/BvJgdBwSvd
— ANI (@ANI) August 8, 2017
इससे पहले, चुनाव आयोग से पहली बार मुलाकात के बाद बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस सुबह से चुनाव करा रही है और हार देखकर वो विवाद खड़ा कर रही है। कांग्रेस को लग रहा है कि वो हार रही है, इसीलिए वो बेबुनियाद आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर बक्से मे ंबंद होने के बाद किसी जांच का कोई मतलब नहीं रह सकता। हमने चुनाव आयोग से कहा है कि वो विवाद खड़ा करने के लिए कांग्रेस को मौका न दे। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस को लड़ना ही है, तो वो कोर्ट जाएं। इस दौरान बीजेपी नेता पीयूष गोयल ने कहा कि वॉर्निंग देने के बाद रिटर्निंग अधिकारी वोट कैंसिल करके साइड रख देता है। पर कांग्रेस ने उस समय कोई शिकायत नहीं की। बाद में कांग्रेस विवाद खड़ा करने के इरादे से वोट खारिज करने की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि साल 2002 से राज्यसभा चुनाव के लिए नियम बदले गए, जिसमें रिटर्निंग अधिकारी और इलेक्शन एजेंट को बताया जाता है कि वो किसे वोट कर रहा है। सुबह से कांग्रेस 45-46 वोटों से जीतते खुद को दिखा रही थी, पर 3 बजे के बाद कांग्रेस ने ऑबजेक्शन उठाना शुरू कर दिया। जो उसकी बौखलाहट को दिखाता है। वो आर्टिकल 324 का दुरुपयोग करना चाहती है। अब इलेक्शन पिटिशन के अलावा कांग्रेस के पास कोई रास्ता नहीं है। पीयूष गोयल ने कहा कि 9.20 बजे सुबह वो वोट पड़े, तब से कांग्रेस ने कोई ऑब्जेक्शन नहीं किया। जब कांग्रेस को लगा कि वो हार रही है, तो 3 बजे के बाद विवाद खड़ा करने लगी।
वहीं, राज्यसभा चुनाव में काग्रेस प्रत्याशी अहमद पटेल ने कहा कि कांग्रेस ने तुरंत शिकायत दर्ज कराई, पर रिटर्निंग अधिकारी ने कुछ नहीं किया।
I'm very much confident let counting take place: Ahmed Patel, Congress #RajyaSabhaPolls #Gujarat pic.twitter.com/UzI3hXTMJE
— ANI (@ANI) August 8, 2017
Complaint was filed immediately but returning officer didn't do anything: Ahmed Patel, Congress #Gujarat #RajyaSabhaPolls pic.twitter.com/579emBH2sp
— ANI (@ANI) August 8, 2017
बता दें कि कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला और आरपीएन सिंह ने चुनाव आयोग से मांग की थी कि 2 कांग्रेस विधायकों के वोट रद्द कर दिए जाएं क्योंकि उन्होंने अपना वोट दिखा कर दिया था। वहीं सारी रिपोर्ट्स चुनाव आयोग को भेजी गई।
All reports and Congress's complaint sent to EC in Delhi. counting will begin once reply is received #GujaratRSPolls #AhmedPatel
— ANI (@ANI) August 8, 2017
कांग्रेस नेता अर्जुन मोढवादिया ने कहा कि हमनें सुबह 9.30 बजे ही आपत्ति जताई थी। पर चुनाव आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया।
We had raised objection at 9.30 am, but EC has not responded till now, shows that they are being put under pressure: Arjun Modhwadia,Cong
— ANI (@ANI) August 8, 2017
बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा था कि चुनाव खत्म होने के बाद कांग्रेस को आयोग की याद आई। बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव ने कहा कि आप 6 घंटे बैठे रहे। 6 घंटे चुनाव कराते रहे। अब आपको याद आ रहा है कि चुनाव आयोग जाना है?
Aap 6 ghante baithe rahe? 6 ghante chunav karate rahe? Ab aapko yaad aa raha hai?: Bhupender Yadav, BJP on Congress complaint to EC #Gujarat pic.twitter.com/CwzujwGQEj
— ANI (@ANI) August 8, 2017
JDU विधायक ने अहमद पटेल को दिया वोट
Ahmed Patel
जेडीयू के एक विधायक छोटू भाई ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा था कि उन्होंने कांग्रेस को ही वोट दिया। हालांकि जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि नीतीश जी ने हमारे गुजरात के MLA छोटू भाई को BJP को वोट करने के लिए कहा और उन्होंने बीजेपी को ही वोट किया है। इस मामले में गुजरात जेडीयू महासचिव अरुण श्रीवास्तव को जेडीयू ने पद से हटा दिया। जेडीयू ने कहा कि श्रीवास्तव पार्टी के फैसले को विधायक तक पहुंचाने में नाकामयाब रहे, इसलिए उन्हें पद से मुक्त कर दिया गया।
Nitish ji had asked our Gujarat MLA Chhotubhai Vasava to vote for BJP and he voted BJP: KC Tyagi,JDU pic.twitter.com/EBFBuBgNBx
— ANI (@ANI) August 8, 2017
बेंगलुरू से गुजरात लौटे कांग्रेस के सभी विधायकों ने की वोटिंग
gujarat MLAs
- फोटो : ANI
मंगलवार सुबह राज्यसभा चुनाव के लिए बेंगलुरू से गुजरात लौटे कांग्रेस के सभी विधायकों ने वोटिंग की। वोटिंग के बात बताया गया था कि कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि साणंद के एक कांग्रेसी विधायक करमसी पटेल ने बीेजपी के पक्ष में वोट डाल दिया है। हालांकि, जेडीयू के विधायक छोटू वसावा ने कांग्रेस के समर्थन में वोट दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके अहमद पटेल से अच्छे रिश्ते हैं। इससे पहले कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने बयान दिया था कि जिन-जिन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है उन सभी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गहलोत ने ये भी जाहिर किया कि जेडीयू और एनसीपी के एक-एक विधायकों ने उन्हें वोट दिया।
वहीं एनसीपी के दो हिस्सों में बंट जाने के बाद पार्टी की ओर वोट देने वाले विधायकों ने खुले तौर कहा कि उन्होंने किसे वोट दिया। विधायक कांधल जडेजा ने मीडिया से कहा कि उन्होंने पहले ही अपनी स्थिति जाहिर कर दी थी, कि वे कांग्रेस को वोट नहीं देंगे।
#Gujarat Congress MLAs arrive at state assembly in Gandhinagar from Neejanand resort in Anand #RajyaSabhaPolls pic.twitter.com/Pw8McZWuri
— ANI (@ANI_news) August 8, 2017
अमित शाह, स्मृति ईरानी, अहमद पटेल और बलवंत सिंह थे प्रत्याशी
अमिर शाह
- फोटो : social media
गुजरात की 3 राज्यसभा सीटों पर चुनाव में अमित शाह और स्मृति ईरानी की जीत तय मानी जा रही थी। पर अहमद पटेल के लिए जीत मुश्किल दिख रही थी। इसीलिए कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार बने अहमद पटेल अपनी जीत के लिए हर कोशिश कर रहे थे। दरअसल, यहां से बड़े दलों के अधिकृत प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो जाते थे लेकिन इस बार भाजपा ने पांचवें कार्यकाल के लिए किस्मत आजमा रहे पटेल के सामने अपने उम्मीदवार को उतार दिया है। सत्तारूढ़ भाजपा ने यहां तीन राज्यसभा सीटों के लिए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और बलवंत सिंह राजपूत को उतारा। राजपूत हाल तक सदन में कांग्रेस के मुख्य सचेतक थे।
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बता दें कि करीब डेढ़ दशक से अधिक समय से राज्य की सत्ता से बाहर चल रही कांग्रेस हाल ही में पार्टी के दिग्गज नेता शंकर सिंह वाघेला के पार्टी छोड़ने से स्तब्ध रह गयी थी। इसके बाद राजपूत समेत छह विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफा देकर कांग्रेस को और झटका दे दिया। इनमें से तीन विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गये। राजपूत, वाघेला के रिश्तेदार हैं। गुजरात में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्यसभा की चुनावी जंग ने सियासी सरगर्मियां काफी बढ़ा दी हैं।