राहुल गांधी ने गुजरात में बड़ी मात्रा में पकड़ी जा रही नशे की खेप पर भाजपा पर हमला किया है। उन्होंने कहा है कि गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर लगातार भारी मात्रा में ड्रग्स की खेप बरामद की जा रही है, लेकिन इसके बाद भी इस पर कोई रोक नहीं लग पा रही है। उन्होंने इस मामले में गुजरात सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। इसी साल के अंत में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं। राहुल गांधी के रुख को देखकर माना जा रहा है कि कांग्रेस गुजरात विधानसभा चुनाव में नशे को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर सकती है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा से बेहद मामूली अंतर से पिछड़ने वाली कांग्रेस इस चुनाव को जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाएगी।
दरअसल, ड्रग्स और नशीले पदार्थों के सेवन का सबसे ज्यादा नकारात्मक असर गुजरात के सूरत शहर और आसपास के क्षेत्रों में पड़ा है। यहां नकली शराब के सेवन के कारण सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में भी युवा नशे की गिरफ्त में हैं। इससे लोगों के परिवार बर्बाद हो रहे हैं। सूरत क्षेत्र भाजपा का प्रभाव वाली इलाका माना जाता है। यहां यूपी-बिहार से आये श्रमिकों की बहुलता है और उनके बीच अब तक भाजपा की मजबूत पकड़ मानी जाती है। भाजपा को सबसे ज्यादा समर्थन इसी इलाके से मिलता रहा है।
लेकिन शराब के कारण प्रवासी श्रमिकों की भारी संख्या में मौत हुई है। इससे लोगों में नाराजगी है। माना जा रहा है कि इससे भाजपा को नुकसान हो सकता है। चूंकि आम आदमी पार्टी लगातार इसी इलाके में मजबूत हो रही है और वह नकली शराब से हो रही मौतों को बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है, माना जा रहा है कि चुनाव में यह बड़ा मुद्दा बन सकता है।
गुजरात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री ने अमर उजाला से कहा कि गुजरात की जनता के बीच नशा एक बड़ा मुद्दा बनकर उभर रहा है। लोगों के प्रियजनों की शराब के कारण मौत हो रही है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि राज्य सरकार के कुछ मंत्री और विधायक स्वयं नशे के कारोबार में लिप्त हैं, जिसके कारण नशे के कारोबार पर पुलिस कोई अंकुश नहीं लगा पा रही है। उन्होंने कहा कि लोगों में इसके प्रति भारी नाराजगी है और वे सरकार से इस पर जवाब मांगना चाहते हैं, लेकिन सरकार जनता के सवालों को नजरअंदाज कर रही है। चुनावों के दौरान जनता अपना गुस्सा जाहिर करेगी।