गुजरात के जामनगर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा की उम्मीदवार रिवाबा जडेजा ने शनिवार को उन दावों को खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था उनका अपनी ननद से झगड़ा चल रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों अलग-अलग विचारधाराओं में विश्वास करते हैं। रिवाबा क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी हैं।
गुजरात में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने हैं। जामनगर सीट से रिवाबा भाजपा की उम्मीदवार हैं। हालांकि, रवींद्र जडेजा की बहन नैना जडेजा उसी जामनगर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के लिए प्रचार कर रही हैं।
रिवाबा से जब परिवार के भीतर झगड़े के दावों के बारे में पूछा गया तो उन्होने बताया कि यह पहली बार नहीं जब एक ही परिवार के दो लोगों की अलग-अलग विचारधाराएं हैं।
उन्होंने कहा, हमारे हाथों की उंगलियां भी बराबर नहीं होतीं, इसी तरह विचारधाराएं भी अलग-अलग हो सकती हैं। मेरी भाभी किसी और विचारधारा से प्रभावित हैं और उसके लिए काम कर रही हैं, उसी तरह मैं भाजपा से प्रभावित हूं। मैं अपने कर्तव्यों को पूरा कर रही हूं। हम दोनों के बीच केवल विचारों का अंतर है और कोई व्यक्तिगत मतभेद नहीं है। इस चुनाव के इस अंतिम समय में हमें एक-दूसरे के साथ बैठने का समय नहीं मिलता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अभी उनका ध्यान केवल ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने पर है। गुजरात में त्रिकोणीय चुनाव और आम आदमी पार्टी की संभावना के बारे में पूछे जाने पर रिवाबा ने ऐसी किसी भी संभावना से इनकार किया।
कौन हैं रिवाबा जडेजा
रिवाबा जडेजा करीब तीस साल पहले भाजपा में शामिल हुई थी। इससे पहले वह सामाजिक गतिविधियों में जुड़ी रहती थीं। इसके अलावा वह करणी सेना के लिए भी काम कर चुकी हैं। भाजपा का दामन थामने के बाद से रिवाबा काफी सक्रिय हैं। यही वजह मानी जा रही है, कि भाजपा ने उन्हें जामनगर की उत्तर सीट से मैदान में उतारा है। रिवाबा मूल रूप से राजकोट की रहे वाली हैं। उनके पिता बिजनेसमैन हैं। रिवाबा ने राजकोट के 'आत्मिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस' से अपनी मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
दीपेंद्र सिंह जडेजा के समर्थन में वोट मांग रहीं नैना
वहीं, उनकी भाभी नैना की बात करें तो भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। वह अपनी भाभी के खिलाफ खड़े कांग्रेस उम्मीदवार दीपेंद्र सिंह जडेजा के समर्थन में वोट मांग रही हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस में शामिल होने के बाद नैना की यहां अच्छी पकड़ हो गई है। इसलिए बहुत कम समय में ही उन्हें जामनगर कांग्रेस महिला मोर्चा का अध्यक्ष भी बनाया है।