गुजरात में पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के लिए पहली बार सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए आचार संहिता जारी की गई है। अब कोई भी जवान या अधिकारी सोशल मीडिया मंच का इस्तेमाल राजनीतिक विचारधारा के लिए या सरकार के खिलाफ नहीं कर सकेगा।
हाल ही में पुलिसकर्मियों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर ऑनलाइन अभियान चलाया था, जिसे फेसबुक और ट्विटर पर काफी समर्थन मिला। इसके बाद गुजरात के डीजीपी शिवानंद झा ने आचार संहिता जारी की है। इसमें निर्देश दिया गया है कि पुलिसकर्मी इंटरनेट पर राजनीतिक राय व्यक्त नहीं करें और सरकार विरोधी किसी मुहिम से दूर रहें।
मौजूदा कानून के तहत सरकार के खिलाफ किसी सामग्री के छापने या प्रकाशन को लेकर पुलिसकर्मियों पर पाबंदी है, लेकिन पहली बार सोशल मीडिया के इस्तेमाल के संबंध में आचार संहिता जारी की गई है। झा ने बताया, वेतन वृद्धि के लिए हिंसक आंदोलन में भागीदारी को लेकर पुलिसकर्मियों को गुमराह करने के संबंध में गांधीनगर में तीन लोगों को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया है।