गुजरात में उत्तर भारतीयों पर भीड़ के हमले होने के डर से कई लोग राज्य छोड़ चुके हैं। बताया जा रहा है कि अभी तक बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के 50 हजार लोग गुजरात छोड़कर जा चुके हैं। हालांकि सरकार और पुलिस लोगों को सुरक्षा का आश्वासन दे रही है। लेकिन सीएम की अपील के बाद भी ये पलायन जारी है।
लोगों को रोकने के लिए अब पुलिस और कलेक्टर पहल कर रहे हैं। पुलिस और सरकार ने उत्तर भारतीयों से कहा है कि वह गुजरात में अपने व्यवसाय को जारी रखें। अभी शनिवार को अरावल्ली जिले के कलेक्टर एन नागराजन और पुलिस अधीक्षक मयूर पाटिल ने उत्तर भारतीय द्वारा लगाए स्टॉल पर जाकर पानीपुरी खाई।
लोगों में भरोसा कायम करने के लिए मुख्य सचिव जेएन सिंह ने कलेक्टरों को हिंदी भाषी लोगों के पास जाकर भरोसा कायम करने को कहा है। इसके लिए पुलिस भी सभी तरह के प्रयास कर रही है।
यह है मामला
उत्तर भारतीय गुजरात से पलायन कर रहे हैं। ऐसा 28 सितंबर को हुई घटना के बाद से हुआ। दरअसल उस दिन 14 महीने की एक बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ था। इस मामले में बिहार के युवक को गिरफ्तार किया गया। उसके बाद से लोगों में उत्तर भारतीयों के प्रति गुस्सा है। भीड़ ने उनपर कई हमले भी किए हैं। कई लोगों से तो उनकी भाषा और कहां से आए हैं, केवल इतना पूछकर हमले किए गए। बिना उनकी किसी गलती के। तो कई मामलों में मकान मालिकों ने खुद उन्हें घर खाली करने को कह दिया।