गुजरात पुलिस ने दावा किया है कि साबरकांठा जिले के भूपेंद्र सिंह जाला द्वारा शुरू की गई पोंजी स्कीम में कई क्रिकेटरों और स्कूली शिक्षकों ने भी निवेश किया था। अब तक पांच से छह क्रिकेटरों के नाम सामने आए हैं, जिनका निवेश दो करोड़ रुपये तक था। हालांकि, पुलिस ने उनकी पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, सीआईडी अपराध और रेलवे, राजकुमार पांडियन ने बुधवार को बताया कि अब तक पोंजी घोटाले के मुख्य आरोपी साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर तालुका के निवासी भूपेंद्र जाला के खिलाफ राज्य सीआईडी द्वारा तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं।
मशहूर हस्तियों को मनाना जनता के बीच विश्वनीयता बनाना लक्ष्य
राजकुमार पांडियन ने संवाददाताओं से कहा कि गुजरात और कुछ अन्य राज्यों सहित लगभग पांच से छह क्रिकेटरों ने जाला की पोंजी योजना में निवेश किया था। उनका निवेश कुछ लाख से लेकर 2 करोड़ रुपये तक था। कई बार, घोटालेबाज जनता के बीच विश्वनीयता के लिए मशहूर हस्तियों को अपनी योजनाओं में निवेश करने के लिए मना लेते हैं। हालांकि, पांडियन ने क्रिकेटरों के नाम बताने से इनकार कर दिया और कहा कि फर्जी योजना में निवेश के कारणों का पता लगाने के लिए उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
क्रिकेटरों के अलावा किसी अन्य सेलिब्रिटी के बारे में नहीं चला पता
एडीजीपी पांडियन के अनुसार, पोंजी योजना में निवेश करने वाले क्रिकेट खिलाड़ियों के अलावा किसी अन्य सेलिब्रिटी के बारे में पता नहीं चला है। हालांकि, जांच में गुजरात के कई स्कूली शिक्षकों द्वारा फर्जी स्कीम में निवेश करने की जानकारी मिली है। आईपीएस अधिकारी ने बताया कि पीड़ित कई कारणों से शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। हालांकि, पुलिस उन लोगों को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे कि मामला मजबूत हो और अदालत में दोषसिद्धि सुनिश्चित हो सके।
अपराधी को किसी पार्टी से जोड़ना गलत
आरोपी भूपेंद्र सिंह जाला के सत्तारूढ़ भाजपा से जुड़े होने के आरोप पर आईपीएस अधिकारी ने कहा कि किसी अपराधी को किसी पार्टी से जोड़ना गलत है, क्योंकि उस दल से जुड़े कई लोग भी इस योजना का शिकार हैं। इसलिए यह दावा करना गलत है कि वह किसी पार्टी से सिर्फ इसलिए जुड़ा था, क्योंकि उसे उस पार्टी के दो लोगों के साथ देखा गया था। एडीजीपी ने कहा कि हम किसी भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते समय पार्टी की संबद्धता को ध्यान में नहीं रखेंगे।
जाला के दो बैंक खातों में 175 करोड़ के लेन-देन का पता चला
एक सप्ताह पहले, सीआईडी ने आरोपी जाला के दो बैंक खातों में 175 करोड़ रुपये के लेन-देन का पता लगाया था। जाला ने अपनी कंपनी 'बीजेड फाइनेंशियल सर्विसेज' के तहत लोगों से पैसा एकत्र किया था, और निवेशकों को उच्च रिटर्न का वादा कर धोखा दिया। पुलिस ने अब तक इस मामले में एक एजेंट को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी जाला से जुड़े परिसरों पर छापेमारी के दौरान तीन लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, रबर स्टांप, दस्तावेज और पैन कार्ड के अलावा 16.37 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं।