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गुजरात: सचिवालय को बम से उड़ाने की दी थी धमकी, बिहार-झारखंड से दो आरोपी गिरफ्तार; बांग्लादेश से क्या कनेक्शन?

Mon, 14 Sep 2026 06:54 PM IST
देवेश त्रिपाठी पीटीआई, अहमदाबाद

सार

गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने सरकारी दफ्तरों, स्कूल-कॉलेजों और अदालतों को बम धमकी वाले ईमेल भेजने वाले कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया है। मामले में बिहार के भागलपुर से रोशन कुमार भूमिहार और झारखंड के देवघर से गुलशन कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, सिंह ने 5,13,847 ईमेल आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराए थे।
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बिहार-झारखंड से दो आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और अदालतों को बम धमकी वाले ईमेल भेजने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में बिहार और झारखंड से दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों को बांग्लादेश में मौजूद सहयोगियों से कथित तौर पर आर्थिक मदद मिल रही थी। लेनदेन के लिए क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट का इस्तेमाल किए जाने की भी जानकारी मिली है।

पांच लाख से ज्यादा ईमेल-पासवर्ड का जखीरा
पुलिस के मुताबिक, बिहार के भागलपुर से रोशन कुमार भूमिहार (राय) को गिरफ्तार किया गया। उस पर 10 सितंबर को गुजरात सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल भेजने का आरोप है।
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दूसरे आरोपी गुलशन कुमार सिंह को झारखंड के देवघर से पकड़ा गया। पुलिस को संदेह है कि वह इस नेटवर्क में मुख्य स्रोत था। आरोप है कि उसने 5,13,847 अलग-अलग ईमेल आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराए थे। इनका इस्तेमाल धमकी वाले ईमेल भेजने और दूसरे साइबर अपराधों के लिए किया जाता था।

गुजरात सचिवालय को दी थी बम से उड़ाने की धमकी
जांच 10 सितंबर को गुजरात सरकार के विधायी और संसदीय कार्य विभाग की ईमेल आईडी पर मिले एक धमकी भरे संदेश के बाद शुरू हुई। प्रेस नोट के मुताबिक, ईमेल में मुख्यमंत्री कार्यालय, राज्य विधानसभा, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और दिल्ली में हाल में हुए ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत का समर्थन करने वाले देशों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी।

पुलिस ने बताया कि तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों से पता चला कि ईमेल भागलपुर से संचालित किया गया था। इसके बाद रोशन कुमार राय को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर बताया कि सिंह ने उसे ईमेल आईडी उपलब्ध कराई थी। इसके बाद पुलिस ने सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया।

गिरोह का क्या है बांग्लादेश कनेक्शन?
पुलिस के अनुसार, राय और सिंह के पास 5,13,847 अलग-अलग ईमेल आईडी और पासवर्ड की सूची थी। आरोप है कि यह सूची सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और अदालतों को धमकी वाले ईमेल भेजने के साथ ही अन्य साइबर और गैरकानूनी गतिविधियों के लिए तैयार की गई थी।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों को बांग्लादेश में मौजूद सहयोगियों से कथित तौर पर आर्थिक मदद मिली थी और उन्होंने ईमेल आईडी की सूची उनके साथ साझा की थी। प्रेस नोट के मुताबिक, आर्थिक लेनदेन के लिए क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट का भी कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों ने बताया कि गुजरात, भागलपुर और देवघर पुलिस की मदद से समन्वित कार्रवाई की गई। मामले में आगे की तकनीकी जांच जारी है।
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