गुजरात पुलिस ने सूरत में दर्ज डकैती के एक मामले में महाराष्ट्र पुलिस के बर्खास्त सब-इंस्पेक्टर रंजीत कासले को लातूर से गिरफ्तार किया है। गुजरात पुलिस ने रविवार रात रंजीत कासले को गिरफ्तार किया। महाराष्ट्र सरकार ने इस साल की शुरुआत में कासले को बर्खास्त कर दिया था। दरअसल रंजीत कासले ने आरोप लगाया था कि उन्हें पिछले साल बीड सरपंच हत्याकांड के मुख्य संदिग्ध वाल्मीक कराड की हत्या की सुपारी दी गई थी।
सूरत के लुटेरों को मदद पहुंचाने का आरोप
कासले के खिलाफ सूरत के पास पाल पुलिस स्टेशन में डकैती का एक मामला दर्ज किया गया था। लातूर पुलिस की अपराध शाखा के निरीक्षक सुधाकर बावकर ने बताया कि गुजरात पुलिस की टीम लातूर पहुंची और रविवार रात लगभग 10:30 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सूरत डकैती मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य संदिग्धों ने पूछताछ के दौरान कासले की कथित संलिप्तता के बारे में बताया कि किस तरह से कासले ने लुटेरों के गिरोह की मदद की थी।
वाल्मीक कराड की सुपारी की पेशकश का दावा
कासले पर लुटेरों को रसद और अन्य मदद पहुंचाने का आरोप है। कासले की गिरफ्तारी के लिए गुजरात पुलिस की एक टीम बीते कई दिनों से लातूर में डेरा डाले हुए थी और रविवार रात मौका मिलते ही उन्होंने कासले को पकड़ लिया। इस साल अप्रैल में, महाराष्ट्र की बीड पुलिस ने कासले को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कथित तौर पर एक आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। कासले ने यह भी सनसनीखेज दावा किया था कि पिछले साल दिसंबर में मस्साजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के मुख्य संदिग्ध वाल्मीक कराड की हत्या के लिए उसे मोटी रकम की पेशकश की गई थी।