प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बरसों तक विरोध का सामना करने वाले सरदार सरोवर बांध का उद्घाटन किया। पीएम ने नर्मदा पर बने देश के सबसे ऊंचे बांध का उद्घाटन करते हुए कहा कि दुनिया की किसी परियोजना में इतनी अड़चन नहीं आई, जितनी ‘इंजीनियरिंग के चमत्कार’ इस बांध की राह में आई। लेकिन हम इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध थे।
देश के इस सबसे ऊंचे बांध से गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान को पानी मिलेगा। यह देश का सबसे ऊंचा और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बांध है। इसके बनने में 65 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। 1945 में इसकी शुरुआत सरदार बल्लभ भाई पटेल ने थी और फिर 5 अप्रैल 1961 को देश के पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू ने इसका शिलान्यास किया था।
पीएम ने अपने जन्मदिन पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सरदार सरोवर बांध को देश को समर्पित किया। सरदार सरोवर डैम के उद्घाटन के मौके पर पीएम के साथ केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी और गुजरात के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। गुजरात के सीएम और बीजेपी नेताओं ने इसे राज्य की लाइफलाइन करार दिया।
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पीएम ने कहा कि अगर सरदार बल्लभ भाई पटेल और भीमराव आंबेडकर अगर कुछ दिन और जीवित रहते तो यह बांध 60-70 के दशक में ही बनकर तैयार हो जाता। इस बांध के निर्माण में अड़ंगा लगाने के लिए कई साजिशें रची गईं, लेकिन फिर भी हम इसे पूरा करने में सफल रहे।
पीएम ने कहा, सरदार सरोवर बांध का निर्माण रोकने के लिए बड़ी-बड़ी साजिशें हुईं। दुनिया की कोई ऐसी ताकत नहीं थी जिसने इसमें रुकावटें पैदा नहीं की हों। वर्ल्ड बैंक ने इस डैम के लिए पैसा नहीं दिया। अफवाह फैलाने वालों ने खूब झूठ फैलाया। लेकिन अब यह बन कर तैयार है। यह डैम एक करिश्मा है।
बांध के उद्घाटन के बाद मोदी ने ट्वीट कर कहा कि इससे लाखों किसानों को फायदा होगा और यह आम लोगों की उम्मीदों को पूरा करेगा। इस परियोजना से सालाना 100 करोड़ यूनिट पनबिजली पैदा होगी। बांध से गुजरात सौराष्ट्र, कच्छ और राज्य के उत्तरी इलाकों को और राजस्थान के कुछ जिलों को पानी मिलेगा।