गुजरात की राजधानी से 35 किमी दूर मेहसाणा जिले के बोरिसाना गांव में दुख साफ झलक रहा है। इसी गांव के दो लोगों की मौत तब हुई, जब कथित तौर पर उनकी सहमति के उनकी एंजियोप्लास्टी सर्जरी की गई थी। दोनों मृतक आयुष्मान भारत पीएमजेएवाई के लाभार्थी थे। फिलहाल इस मामले में ख्याति मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल की तरफ से लगाए गए स्वास्थ्य शिविर के बाद कथित तौर पर ये प्रक्रियाएं करने वाले विजिटिंग कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रशांत वजीरानी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि अस्पताल के चार निदेशकों के खिलाफ भी तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं।
अपने परिजनों का इंतजार कर रहे कई लोग
बोरिसाना गांव में अभी भी कुछ लोग अपने परिजनों का इंतजार कर रहे हैं, जिनकी भी बिना जरूरत और अनुमति के एंजियोप्लास्टी सर्जरी करवाई थी, लेकिन वे बच गए थे। 11 नवंबर को ख्याति अस्पताल ने इस गुमनाम गांव में एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया। महादेव मंदिर परिसर में आयोजित इस शिविर में 80 से अधिक गांव के लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें ज्यादातर मजदूर या प्लास्टिक कारखानों में काम करने वाले लोग थे।
राज्य सरकार के एफआईआर में क्या दर्ज?
अगले दिन अस्पताल से एक बस 19 ग्रामीणों को लेकर, जिन्होंने और जांच के लिए सहमति जताई, अहमदाबाद ले गई। मामले में राज्य सरकार की तरफ दर्ज की गई एफआईआर के अनुसार, अस्पताल ने कथित तौर पर उन सभी की एंजियोग्राफी की, फिर सात की एंजियोप्लास्टी की। एफआईआर में कहा गया है कि ये प्रक्रियाएं अनावश्यक थीं और बिना किसी सूचित सहमति के की गई थीं, और अस्पताल ने लोगों की पर्याप्त पोस्टऑपरेटिव देखभाल भी नहीं की, जिसके कारण दो लोगों की मौत हो गई।
इस मामले में ख्याति हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप लगा है कि हॉस्पिटल ने 19 मरीजों की बिना बताए एंजियोग्राफी कर दी। फिर इनमें से सात मरीजों की एंजियोप्लास्टी कर दी। एंजियोप्लास्टी के बाद दो मरीजों की हॉस्पिटल में ही मौत हो गई। फिलहाल इस मामले में गुजरात सरकार ने जांच के बाद कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया है।