गुजरात में बारिश ने लोगों का बुरा हाल कर रखा है। शनिवार को जूनागढ़ जिले के निचले इलाके में बाढ़ के बीच दो युवक कई घंटों तक बिजली के खंभे में लटके रहे। हालांकि, भारी मशक्कत के बाद भारतीय वायु सेना के एक हेलीकॉप्टर ने दोनों लोगों को बचा लिया।
कलेक्टर अनिल राणावासिया ने कहा कि जूनागढ़ जिला प्रशासन ने केशोद तालुका के सुत्रेज गांव के पास भारी बारिश के कारण पानी भर जाने के बाद फंसे दो लोगों को निकालने के लिए वायुसेना के हेलिकॉप्टर की मदद मांगी। दोनों ग्रामीण शुक्रवार शाम को अपने खेत में गए थे और बाढ़ के कारण वापस नहीं लौट पाए।
एनडीआरएफ की एक टीम भी आई
एनडीआरएफ की एक टीम दोनों को बचाने के अपने प्रयास में विफल रही। अंततः उन्हें शाम चार बजे भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर द्वारा एयरलिफ्ट किया गया और चिकित्सा जांच के लिए जामनगर एयर स्टेशन ले जाया गया।
चेतावनी के बावजूद खेत में गए
कलेक्टर के मुताबिक, स्थानीय सरपंच द्वारा चेतावनी दिए जाने के बावजूद दो व्यक्ति कल शाम अपने खेत में चले गए। भारी बारिश के कारण वे वहां फंस गए और इलाके में पानी भर जाने के बाद बिजली के खंभे पर चढ़ गए। दोनों ने अपने बचाव के लिए अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया, जिसके बाद एनडीआरएफ की एक टीम को बुलाया गया।
आईएमडी ने कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी दी
बता दें कि सौराष्ट्र-कच्छ और दक्षिण गुजरात जिलों के कई हिस्सों में शुक्रवार और शनिवार को भारी बारिश हुई, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ आ गई और मानसूनी नदियां उफान पर होने से कई गांव जलमग्न हो गए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वलसाड जिले के धरमपुर तालुका और नवसारी जिले के खेरगाम में शनिवार सुबह छह बजे से 10 घंटे में 189 और 186 मिमी बारिश हुई। इस अवधि में वलसाड, नवसारी, जूनागढ़, अमरेली, भरूच और वापी के कुछ हिस्सों में 100 मिमी से अधिक बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने जूनागढ़, अमरेली, नवसारी, डांग और वलसाड जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी है।