गुजरात उच्च न्यायालय ने बुधवार को कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल द्वारा दायर की गई उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने निचली अदालत द्वारा लगाई गई जमानत की शर्त को हटाने का अनुरोध किया था। बता दें कि हार्दिक पटेल को गुजरात छोड़ने के लिए निचली अदालत से अनुमति लेना जरूरी है और इसी शर्त को हटाने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
न्यायमूर्ति ए वाई कोगजे ने पटेल की अर्जी खारिज कर दी। पटेल के वकील आनंद याज्ञनिक ने कहा कि अदालत ने यह शर्त हटाने के अनुरोध संबंधी पटेल का आवेदन खारिज कर दिया कि उसकी पूर्वानुमति के बगैर वह गुजरात से बाहर नहीं जा सकते हैं।
पटेल को राजद्रोह के मामले में सुनवाई के दौरान पेश नहीं होने पर गिरफ्तार किया गया था। निचली अदालत ने जनवरी 2020 में उन्हें सशर्त जमानत दी थी। उन्होंने इसी शर्त को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
कांग्रेस नेता को उसी अदालत ने पार्टी के काम से तथा अपने वकीलों से संपर्क करने के लिए 15 दिनों के लिए दिल्ली एवं अन्यत्र जाने के लिए अनुमति दी थी। गौरतलब है कि अगस्त, 2015 में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के बाद अहमदाबाद अपराध शाखा ने पटेल पर राजद्रोह का मामला दर्ज किया था। यह आंदोलन हिंसक हो गया था। एक निचली अदालत ने नवंबर, 2018 में पटेल के विरुद्ध आरोप तय किये थे।