फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुजरात में स्कूल फीस नियंत्रित करने वाले कानून पर कोर्ट की मुहर

Thu, 28 Dec 2017 01:55 AM IST
एजेंसी, अहमदाबाद
विज्ञापन
Gujarat High Court
विज्ञापन
गुजरात हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को राहत देते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्कूल फीस को नियंत्रित करने वाला कानून संवैधानिक रूप से वैध है। स्पष्ट कानून के अभाव में स्कूलों द्वारा ‘मनमानी फीस वसूली’ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से भाजपा सरकार ने पिछले बजट सत्र में यह कानून पेश किया था।
विज्ञापन



सरकारी कानून के खिलाफ 40 याचिकाओं को खारिज करते हुए मुख्य न्यायाधीश आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति वीएम पंचोली की खंडपीठ ने गुजरात सेल्फ फिनांस्ड स्कूल (फीस नियामक) कानून-2017 को बरकरार रखा है। अदालत ने कहा कि राज्य विधानसभा राज्य शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई के लिए कानून बनाने को लेकर सक्षम है और ऐसा करने का उसे पूरा अधिकार है। 

ये भी पढ़ें- मनमोहन मुद्दा: पीएम मोदी की टिप्पणी पर जेटली ने दी सफाई, राहुल ने किया कटाक्ष

हाईकोर्ट ने सीबीएसई और अल्पसंख्यक स्कूलों के बीच उस झगड़े को यह कहते हुए समाप्त कर दिया, जिसमें स्कूलों का कहना था कि सरकार को उन्हें नियंत्रित करने का अधिकार नहीं है। यह कानून राज्यपाल ओपी कोहली की मंजूरी के बाद इस साल अप्रैल में लागू हुआ था।
विज्ञापन


 कानून में तीन तरह की फीस का प्रावधान किया गया है। प्राथमिक स्कूलों में 15000 रुपये, माध्यमिक स्कूलों में 25000 हजार रुपये और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में अब 27000 हजार रुपये सालाना फीस वसूली जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें