गुजरात हाईकोर्ट ने जुलाई से जेल में बंद हत्या के प्रयास के आरोपी आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा को डेडियापाड़ा तालुका में एक साल तक न जाने की शर्त पर जमानत दी है।
हाईकोर्ट के जस्टिस एमआर मेंगडे ने एक साल तक नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा में न जाने की शर्त पर आप नेता चैतर वसावा की याचिका को मंजूरी दी। वसावा को जुलाई में अपने क्षेत्र में एक आधिकारिक बैठक के दौरान तालुका पंचायत के अध्यक्ष पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
स्थानीय अदालत से याचिका खारिज होने के बाद चैतर वसावा ने हाईकोर्ट में जमानत का आवेदन किया था। उन्हें इस महीने की शुरुआत में राज्य विधानसभा के मॉनसून सत्र में शामिल होने के लिए तीन दिन की अस्थायी जमानत दी गई थी।
निचली अदालत ने विधायक की जमानत याचिका को खारिज करते हुए उनके पूर्व में किए गए अपराधों और 2023 में एक मामले में छह महीने की सजा देने वाले स्थानीय अदालत के फैसले को सही ठहराया था।
पांच जुलाई को डेडियापाड़ा विधानसभा क्षेत्र के जनजातीय नेता को एक तालुका पंचायत अध्यक्ष पर हमले के आरोप में हत्या के प्रयास के लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत गिरफ्तार किया गया था। आप नेता पर धारा 109 के अलावा, बीएनएस सेक्शन 79 (शब्दों और इशारों से महिला का अपमान करना), 115 (2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 351 (3) (आपराधिक धमकी देना), 352 (जानबूझकर अपमान करना) और 324 (3) (संपत्ति को नुकसान पहुंचाना) आदि के तहत मामला दर्ज किया गया था।
आप विधायक ने कथित तौर पर सगबारा तालुका पंचायत की महिला अध्यक्ष को अपशब्द कहे थे। जिस पर मीटिंग में मौजूद डेडियापाड़ा तालुका पंचायत के अध्यक्ष संजय वसावा ने आपत्ति जताई थी। उनकी शिकायत के मुताबिक विधायक ने उन पर मोबाइल फोन फेंका जिससे उनके सिर में चोट आई और गिलास से हमला करने की भी कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें बचा लिया।