गुजरात उच्च न्यायालय ने कोरोना के दौर में लोगों-नेताओं के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार और बर्ताव के साथ ही सामाजिक दूरी का उल्लंघन करने पर चिंता व्यक्त की है। सोमवार को उच्च न्यायालय ने सरकार को निर्देश दिया कि कोरोना वायरस महामारी के बीच भी मास्क न पहनने वाले लोगों-राजनीतिज्ञों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कीजिए और जुर्माना वसूल कीजिए।
मुख्य न्यायाधीश विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति जेबी पारडीवाला की पीठ ने स्वत: संज्ञान याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकारी वकील को इस मामले में कार्रवाई करने की चेतावनी दी। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि सरकार ने रैली निकालने वाले नेताओं के खिलाफ कोई कदम क्यों नहीं उठाया। अदालत के बार-बार पूछने पर भी सरकार ने क्यों जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।
जुर्माने की राशि का योग्य उपयोग करे सरकार
कोरोना के फैलाव और संक्रमण के रोकथाम के सिलसिले में सार्वजनिक रूप से थूकने पर जुर्माना वसूला जा रहा है। राजकोट में सबसे ज्यादा 1,51,669 लोगों से 6.50 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है। इसपर उच्च न्यायालय ने कहा कि यह बहुत बड़ी राशि है। अदालत को लगता है कि सरकार इसका योग्य उपयोग करेगी।