मध्य गुजरात के वडोदरा शहर में बारिश संबंधी घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई जबकि पांच हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बृहस्पतिवार सुबह तक 24 घंटे के दौरान यहां करीब 500 मिमी बारिश हुई जिससे सामान्य जनजीवन बाधित हुआ है।
अग्निशमन दल, सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल ने करीब एक हजार लोगों को नावों और ट्रैक्टर में शहर और आसपास के गांवों से बाहर निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। मूसलधार बारिश से शहर के अधिकतर इलाके और सड़कें जलमग्न हो गईं है। वडोदरा हवाई अड्डे को बुधवार से ही बंद कर दिया गया है वहीं पटरियों पर जलभराव के कारण कई रेलगाड़ियां रद्द कर दी गईं है या उनके मार्ग परिवर्तित कर दिए गए है।
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि वडोदरा के छनी इलाके में भारी बारिश के चलते दीवार गिरने से बुधवार शाम चार मजदूरों की मौत हो गई है। फतेहगंज, कारेली बाग, मांडवी, पाणी गेट, दांडिया बाजार, रावपुरा टावर, हरिनगर (गोत्री) और समा तरसाली, चाणक्यपुरी, कल्याणपुरी, मकरपुरा इलाकों में घरों में भी पानी घुस गया है। हालांकि लोगों में मगरमच्छ के कारण डर बना हुआ है।
दरअसल, शहर के पास से बहने वाली विश्वामित्री नदी उफान पर है। इसमें बड़ी संख्या में रहने वाले मगरमच्छ बहकर शहर में आ गए हैं। कुछ इलाकों में पानी में मगरमच्छ देखे गए हैं। तीन मगरमच्छों को पकड़ा भी जा चुका है। गौरतलब है कि बुधवार को वडोदरा में चार घंटे में ही 18 इंच बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
भारी बारिश और विश्वमित्री नदी का जलस्तर बढ़ने से वडोदरा में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। अब तक विभिन्न इलाकों में पांच हजार से अधिक लोगों को बाहर निकाला जा चुका है। स्थानीय प्रशासन ने खाने के करीब 75,000 पैकेट बांटे हैं और एक लाख पैकेट तैयार रखे गए हैं। वडोदरा से गुजरने वाली विश्वामित्री नदी का जल निचले इलाकों में घुस गया है।
राज्य सरकार की तरफ से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक वडोदरा शहर में बृहस्पतिवार की सुबह आठ बजे तक 24 घंटे में 499 मिमी बारिश हुई। राज्य मौसम विभाग के निदेशक जयंत सरकार ने कहा कि वडोदरा शहर में रिकॉर्ड बारिश हुई है। उन्होंने कहा कि अगले तीन दिनों में भी भारी बारिश होने का अनुमान है।