Governor Acharya Devvrat: सीपी राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने के बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था। इस कड़ी में आचार्य देवव्रत मुंबई पहुंचे हैं।
सीपी राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति बनने के बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल का अतरिक्त कार्यभार गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को सौंपा गया है। रविवार को राज्यपाल आचार्य देवव्रत महाराष्ट्र के राज्यपाल का कार्यभार लेने मुंबई पहुंचे। सोमवार सुबह 11 बजे वह महाराष्ट्र के अतिरिक्त राज्यपाल के तौर पर शपथ लेंगे। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने अहमदाबाद से मुंबई का सफर ट्रेन के जरिए पूरा किया। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने अपनी इस यात्रा का वीडियो भी साझा किया है।
महाराष्ट्र के राज्यपाल का अतिरिक्त दायित्व संभालने हेतु मुंबई जाने के लिए आज अहमदाबाद से मुंबई तक तेजस एक्सप्रेस से रेलयात्रा शुरु की। pic.twitter.com/rusv6YcyOo
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तेजस एक्सप्रेस से पहुंचे मुंबई
आचार्य देवव्रत अपनी पत्नी दर्शना देवी के साथ 14 सितंबर सुबह अहमदाबाद से तेजस एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर मुंबई के लिए रवाना हुए। राज्यपाल देवव्रत ने अपनी यात्रा का वीडियो एक्स पर साझा करते हुए लिखा, महाराष्ट्र के राज्यपाल का अतिरिक्त दायित्व संभालने हेतु मुंबई जाने के लिए आज अहमदाबाद से मुंबई तक तेजस एक्सप्रेस से रेलयात्रा शुरु की। राजधानी मुंबई पहुंचने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज्यपाल देवव्रत का स्वागत किया।
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आचार्य देवव्रत के बारे में जानिए
आचार्य देवव्रत एक शिक्षाविद, समाजसेवी और वैदिक विद्वान के रूप में जाने जाते हैं। वे लंबे समय तक गुरुकुल शिक्षा प्रणाली से जुड़े रहे हैं। उन्होंने हरियाणा के गुरुकुल कुरुक्षेत्र में प्रधानाचार्य के रूप में काम किया है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया है।
ऐसा है राजनीतिक सफर?
आचार्य देवव्रत ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत शिक्षा और समाज सेवा से की थी। 2015 में उन्हें हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया, जो उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत मानी जाती है। जुलाई 2019 में वे गुजरात के राज्यपाल नियुक्त किए गए, और तब से इस पद पर कार्यरत हैं। ऐसे में अब, 2025 में उन्हें महाराष्ट्र के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।