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पुल हादसा: गुजरात सरकार ने मोरबी नगरपालिका को भेजा कारण बताओ नोटिस, पूछा- क्यों न इसे भंग कर दिया जाए?

Fri, 20 Jan 2023 02:28 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोरबी

सार

मोरबी पुल हादसे में राज्य सरकार ने स्थानीय नगरपालिका को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहने के कारण इसे भंग क्यों नहीं किया जाना चाहिए।
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मोरबी पुल हादसा - फोटो : Social Media
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विस्तार
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गुजरात के मोरबी में 30 अक्तूबर को हुए भयंकर पुल हादसे (Morbi bridge collapse) के बाद  राज्य सरकार ने स्थानीय नगरपालिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में सरकार ने नगरपालिका से  पूछा है कि  कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहने के कारण इसे भंग क्यों नहीं किया जाना चाहिए। बता दें कि गुजरात के मोरबी में मच्छू नदी पर बना ब्रिटिश काल का पुल 30 अक्तूबर को ढह गया था, जिसमें 47 बच्चों सहित 140 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। 

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राज्य के शहरी विकास विभाग ने नोटिस जारी किया
यह नोटिस राज्य के शहरी विकास विभाग द्वारा जारी किया गया है। इस नोटिस में मोरबी नागरिक निकाय को 25 जनवरी तक एक सामान्य निकाय प्रस्ताव के रूप में एक लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। बता दें कि इससे पहले राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में दलील देते हुए कहा था कि उसने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए नगरपालिका को भंग करने का फैसला किया था।

हादसे के बाद हाईकोर्ट ने दिया पुलों के सर्वेक्षण के आदेश
गुजरात के मोरबी में भयंकर पुल हादसे (Morbi bridge collapse) के बाद हाईकोर्ट (Gujarat High court) ने भूपेंद्र सरकार को राज्य के सभी पुलों का सर्वेक्षण करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा था कि यह सुनिश्चित करें कि कितने पुल उचित स्थिति में हैं?  हाईकोर्ट सभी पुलों की सूची चाहता है, जिसमें यह उल्लेख किया जाए कि उनमें से कितने समान स्थिति में हैं। सौंपी गई रिपोर्ट प्रमाणित होनी चाहिए और इसे हाईकोर्ट के सामने रखने की जरूरत है।
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गुजरात हाईकोर्ट ने मोरबी हादसे में मुआवजा बढ़ाने के लिए कहा था
गुजरात हाईकोर्ट ने  मोरबी हादसे में मृतकों और घायलों के रिश्तेदारों को दिए जाने वाले मुआवजे को बढ़ाया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर घायलों के लिए 50,000 रुपये का मुआवजा भी बहुत कम है। चोटों का विवरण, अस्पताल में भर्ती, उपचार का विवरण, अंतरिम रिपोर्ट में सामने नहीं आ रहे हैं।
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