अहमदाबाद में स्कूलों को बम की धमकी वाले ईमेल के मामलों में पुलिस की पहली बड़ी कामयाबी मिली है। अपराध शाखा और साइबर अपराध प्रकोष्ठ ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
आरोपी कौन है?
पुलिस के मुताबिक, आरोपी को एक अंतरराज्यीय अभियान के तहत पश्चिम बंगाल से पकड़ा गया। फिर उसे अहमदाबाद लाया गया। उसे आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने खुद का नाम सौरव बिस्वार बताया। उसका असली नाम माइकल बिस्वास है और वह कथित तौरपर बांग्लादेशी नागरिक है, जो फर्जी पहचान के साथ रह रहा था।
कैसे हुई आरोपी की गिरफ्तारी
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह गिरफ्तारी शहर की पुलिस, साइबर इकाई के लिए बड़ी कामयाबी है, जो तकनीकी निगरानी डिजिटल फोरेंसिक के जरिये धमकी भरे ईमेल की उत्पत्ति का पता लगा रही थी। अधिकारी ने बताया कि आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि घटनाक्रम की पूरी कड़ी को समझा जा सके और यह पता लगाया जा सकते कि इसमें कौन लोग शामिल हैं या नहीं।
पुलिस ने कहा कि मकसद, तरीके और किसी संभावित बड़ी साजिश से जुड़े विवरण शुरुआती पूछताछ पूरी होने के बाद साझा किए जाएंगे। 16 फरवरी को अहमदाबाद के कई स्कूलों को भेज गए बम धमकी वाले ईमेल के बाद यह गिरफ्तारी हुई है।
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बम धमकी के बाद कई स्कूलों को किया गया था सतर्क
उस समय जिला शिक्षा अधिकारी रोहित चौधरी ने बताया था कि दस से अधिक स्कूलों को लक्षित किया गया था। उन्होंने कहा था कि सभी स्कूलों को तत्काल नजदीकी थानों को सूचना देने और तय सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए गए थे। धमकी भरे संदेश मिलने के बाद स्कूल परिसरों को खाली कराया गया और संबंधित एजेंसियों को सतर्क किया गया। बम निरोधक दस्तों और डॉक स्क्वॉड ने जांच की, जबकि दमकल विभाग और पुलिस की टीमें इमारतों और वाहनों की गहन तलाशी के लिए मौके पर पहुंचीं।
केवल अहमदाबाद ही नहीं, बल्कि वडोदरा के स्कूलों को भी इसी तरह की धमकियों के बाद खाली कराया गया था। बाद में अधिकारियों ने पुष्टि की कि तलाशी लिए गए किसी भी स्थान पर कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।