गुजरात के मेहसाणा में एक दलित की घुड़चढ़ी (फाइल फोटो) (सांकेतिक तस्वीर)
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गुजरात पुलिस ने बताया कि अरवल्ली जिले के मोडासा तालुका के खंबिसार गांव में दलित व्यक्ति की बरात को रोकने के लिए पाटीदार समुदाय के 16 महिलाओं सहित लगभग 150 लोगों के खिलाफ शुक्रवार को मामला दर्ज किया गया है।
घटना 12 मई की है जिसमें पथराव भी हुआ था। जिसमें पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए थे।
मोडासा पुलिस स्टेशन के सब इंस्पेक्टर एसएफ चावड़ा ने बताया कि दूल्हे के पिता दयाभाई राठौड़ ने शुक्रवार को एक शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद भारतीय दंड संहिता और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
चावड़ा ने बताया, "हमने करीब 150 लोगों की भीड़ के खिलाफ आज प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायतकर्ता ने पाटीदार समुदाय से सभी 16 महिलाओं सहित 45 व्यक्तियों की पहचान की है। उनका नाम एफआईआर में आरोपी व्यक्तियों के रूप में दर्ज किया गया है। आगे की जांच एससी/एसटी प्रकोष्ठ के पुलिस उपाधीक्षक एसएस गधवी द्वारा की जाएगी।"
उन्होंने कहा, "उन पर दंगा (आईपीसी 147), हत्या का प्रयास (आईपीसी 307), गलत तरीके से नियंत्रण (आईपीसी 341) और आपराधिक धमकी (आईपीसी 506-2) और एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।"