देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने का सिलसिला जारी है। ऐसे में इस बार त्योहारों पर कोविड-19 महामारी का प्रभाव दिखाई देगा। महामारी के कारण पहली बार गुजरात में गरबा नहीं होगा और त्योहार का रंग फीका नजर आएगा। इसी बीच सूरत में फैशन डिजाइनिंग के छात्रों के एक समूह ने पीपीपीई किट्स से बनाई गई पोशाक में गरबा खेला। उन्होंने खुद इन पोशाकों को डिजायन किया है।
हाथ से की गई पेंटिंग और कांच का इस्तेमाल करके इन पोशाकों को आकर्षक बनाने की कोशिश की गई है। इसके अलावा मास्क और डांडिया का डिस्पोजेबल कवर भी बनाया है। इतना ही नहीं छात्रों ने ड्रेप दुपट्टा भी डिजाइन किया है। सूरत के वीआर मॉल में इस ड्रेस को प्रदर्शित किया गया।
कलाकारों, अन्य के लिए कोविड निगेटिव प्रमाणपत्र जरूरी
वहीं संस्कृति मंत्रालय ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए गुरुवार को कोविड-19 से संबंधित एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की।
एसओपी में कोविड-19 से सुरक्षा के पर्याप्त उपाय किए गए हैं। कलाकारों और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों को एक वैध कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट हासिल करना होगा, बगैर मास्क वाले आगंतुकों और अन्य लोगों का प्रवेश निषिद्ध होगा तथा दर्शकों से केवल 50 प्रतिशत सीट ही भरी जाएंगी।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एसओपी का अनुपालन थियेटर प्रबंधन और कई अन्य संस्थानों को करना होगा। मनोरंजन या क्रिएटिव एजेंसियां, सभागार या कोई खुला स्थान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए किराये पर लेने वाले लोगों को भी इसका अनुपालन करना होगा।
इसमें कहा गया है कि टिकटों के लिए डिजिटल लेनदेन को प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। निरूद्ध क्षेत्रों में किसी सांस्कृतिक गतिविधि की इजाजत नहीं होगी।
बयान में कहा गया है, 'सभी बाहरी कलाकारों और लाइटिंग, साउंड, मेकअप, कॉस्ट्यूम आदि मुहैया करने वालों सहित क्रू सदस्यों को एक वैध कोविड-19 नेगेटिव रिपोर्ट मेजबान संस्थान के संबद्ध अधिकारियों के समक्ष पेश करनी होगी। यह जांच कार्यक्रम से सात दिन के अंदर की होनी चाहिए।'
दिशानिर्देशों में दर्शकों के लिए कहा गया है कि मास्क पहनना अनिवार्य होगा और हर वक्त कम से कम छह फुट की शारीरिक दूरी रखनी होगी।