फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुजरात: आरक्षण पर चढ़ा सियासी पारा, नीतिन बोले- पाटीदारों को मूर्ख बना रहे हार्दिक-कांग्रेस

Wed, 22 Nov 2017 08:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/नई दिल्ली
विज्ञापन
नितिन पटेल
विज्ञापन
गुजरात में ना-ना करते हुए पाटीदार आरक्षण फार्मूले पर कांग्रेस और हार्दिक पटेल के बीच बनी सहमति ने सियासी तापमान को एकाएक बढ़ा दिया है। भाजपा ने जहां इस आरक्षण फार्मूले केजरिए हार्दिक और कांग्रेस पर पाटीदारों को मुर्ख बनाने का आरोप लगाया है। वहीं कांग्रेस ने इस फार्मूले को संविधान सम्मत बताते हुए सोच समझ कर फार्मूला तय करने की बात कही है।
विज्ञापन


उधर भाजपा के हमले से बेखबर हार्दिक ने कांग्रेस के पक्ष में चुनाव प्रचार करने की घोषणा करते हुए कहा कि कांग्रेस आरक्षण फार्मूले को न सिर्फ अपने घोषणा पत्र में शामिल करेगी, बल्कि सत्ता में आते ही कानून भी बनाएगी। 

कांग्रेस और हार्दिक के बीच आरक्षण फार्मूले पर बनी सहमति और हार्दिक के कांग्रेस के समर्थन में प्रचार करने की घोषणा पर राज्य के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने तीखा हमला बोला। उन्होंने इस सहमति पर कहा कि मूर्ख ने मूर्ख के सामने प्रस्ताव रखा और मूर्ख ने प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। जब सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही आरक्षण की अधिकतम सीमा 50 फीसदी निर्धारित कर रखी है तब कांग्रेस या हार्दिक कैसे पाटीदारों को आरक्षण देंगे। पटेल ने कहा कि कांग्रेस के हाथों खेल रहे हार्दिक अपनी बिरादरी को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहे हैं। 
विज्ञापन


उधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने इस मामले में नितिन पटेल पर जवाबी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को संविधान की समझ ही नहीं है। आरक्षण का जो फार्मूला पेश किया गया है वह संविधान सम्मत है। हमने सोच समझ कर यह फार्मूला दिया है। सत्ता में आने के बाद हम पाटीदार बिरादरी से किए समझौते को निभाएंगे। 

इससे पहले हार्दिक ने समझौते और कांग्रेस के पक्ष में चुनाव प्रचार करने का ऐलान करते हुए कहा कि कांग्रेस पाटीदार आरक्षण फार्मूले को न सिर्फ अपने चुनाव घोषणा पत्र में शामिल करेगी। बल्कि सत्ता में आने के बाद कानून भी बनाएगी। हार्दिक ने खुद को कांग्रेस का एजेंट बताए जाने पर कहा कि वह कांग्रेस के नहीं जनता और पाटीदार बिरादरी के एजेंट हैं।

इस दौरान उन्होंने आरक्षण आंदोलन के दौरान राज्य सरकार की ज्यादतियों का जिक्र किया और आंदोलन वापस लेने के लिए बार-बार दबाव बनाने का आरोप लगाया। हार्दिक ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस से एक भी सीट नहीं मांगी और अगले साढ़े तीन साल तक उनके सक्रिय राजनीति में शामिल होने की दूर दूर तक संभावना नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें