सिद्धपुर में कांग्रेस प्रत्याशी का बयान पड़ा भारी
सिद्धपुर सीट से भाजपा आगे चल रही है। भाजपा ने यहां से बलवंतसिंह चंदनसिंह को प्रत्याशी बनाया था। ये सीट चब चर्चा में आ गई थी जब यहां से कांग्रेस प्रत्याशी चंदन ठाकोर ने प्रचार के दौरान एक बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया था। उनका एक बयान वायरल हुआ था, जिसमें वे कहते दिख रहे थे कि 'कांग्रेस को केवल मुसलमान ही बचा सकते हैं। इस दौरान उन्होंने तीन तलाक और हज सब्सिडी को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा था। जिसके बाद भाजपा ने इसे लेकर आलोचना की है।
मोरबी का हाल
मोरबी में हुए ब्रिज हादसे के बाद इस विधानसभा सीट को लेकर भी लोगों में खासी उत्सुकता है। हादसे के कारण विपक्ष के निशाने पर आई भाजपा ने यहां से कांतिभाई अमृतिया को अपनी उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने बड़े अंतर से यहां जीत दर्द की है। यहां से जयंती पटेल कांग्रेस की उम्मीदवार हैं और आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंकज रनसरिया को मैदान में उतारा है। इतना ही नहीं मोरबी जिले की तीनों सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। वहीं 2017 के चुनावों में मोरबी जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। गौरतलब है कि पुल हादसे के बाद कांतिभाई अमृतिया चर्चाओं में रहे थे। हादसे के दौरान वे नदी में उतरकर लोगों की मदद करते देखा गया था।
कतरगाम सीट पर गोपाल इटालिया बड़े अंतर से हारे
गुजरात की कतारगाम विधानसभा सीट पर आप की गुजरात इकाई के अध्यक्ष गोपाल इटालिया को बडी हार मिली है। यहां भाजपा उम्मीदवार विनोदभाई अमरीष भाई मारोडिया ने जीत दर्ज की है। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी की गुजरात इकाई के अध्यक्ष गोपाल इटालिया ने पीएम मोदी को 'नीच' कहते हुए कई अन्य अपशब्द भी कहे थे। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उनको हिरासत में भी रखा था।
अहमदाबाद का हाल
अहमदाबाद में भाजपा ने लगातार दो दिनों में दो रोड़ शो करके वोटरों को अपने पाले में करने की कोशिश की थी। इनमें से पीएम मोदी का एक रोड़ शो 50 किलोमीटर लंबा था। यहां भाजपा को इसका फायदा भी मिलता दिख रहा है। यहां की 21 सीटों में से ज्यादातर पर भाजपा आगे चल रही है।
दाहोद में जीत के करीब भाजपा
दाहोद में जहां कांग्रेस के नए बने अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा पीएम मोदी को रावण कहने का मुद्दा छाया रहा था। वहां कांग्रेस को इस सीट पर भुगतना पड़ रहा है। एसटी के लिए सुरक्षित दाहोद सीट पर भाजपा के कन्हैयालाल जीतते दिख रहे हैं। वे 25 हजार से ज्यादा वोटों से आगे हैं।