गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद जहां भाजपा की ऐतिहासिक जीत की चर्चा है, वहीं समाजवादी पार्टी ने पहली बार राज्य की एक सीट पर अपना झंडा लहराया है। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पार्टी को पोरबंदर जिले की कुटियाना सीट पर जीत हासिल हुई है। सपा उम्मीदवार कांधलभाई सरमनभाई जडेजा ने यहां से भाजपा को 26,000 से ज्यादा मतों के अंतर से हराया।
कांधल जडेजा गुजरात में 'लेडी डॉन' के नाम से मशहूर संतोकबेन जडेजा के बेटे हैं। उन्होंने कुटियाना विधानसभा क्षेत्र से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और विजयी हुए। जडेजा को कुल 60,163 मत मिले। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा उम्मीदवार ढेलिबेन मालदेभाई ओदेदारा को कुल 33,532 वोट मिले।
कुटियाना सीट पर जडेजा परिवार का दबदबा
साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भी कांधलभाई ने कुटियाना विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी। तब उन्होंने भाजपा के ओडेदरा लखमणभाई भीमाभाई को 23,709 मतों के अंतर से हराया था. बताया जाता है कि इस सीट पर कांधलभाई जाडेजा के परिवार का दबदबा है। पहले से ही उनकी जीत तय मानी जा रही थी।
2012 में एनसीपी के टिकट पर दर्ज की थी जीत
कांधल जाडेजा ने साल 2012 में इस सीट पर एनसीपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था और पहली बार जीत हासिल की थी। 2017 में एक बार फिर कांधल जाडेजा ने यहां से जीत दर्ज की। कांधल जडेजा को अप्रैल 2022 में 15 साल पुराने एक मामले में राजकोट की एक अदालत ने दोषी ठहराया था और पुलिस हिरासत से भागने के मामले में उन्हें डेढ़ साल कैद की सजा सुनाई थी। हालांकि वह पहले ही 19 महीने जेल में बिता चुके थे, इसलिए उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा।
संतोकबेन कैसे बनीं लेडी डॉन
कांधल जडेजा की मां संतोकबेन जडेजा पोरबंदर की पहली महिला विधायक रही हैं। संतोकबेन को स्थानीय लोग 'गॉडमदर' भी मानते हैं। संतोकबेन जडेजा साल 1986 तक एक गृहणी थीं। दिसंबर 1986 में एक गिरोह ने उनके पति की हत्या कर दी। इस घटना के बाद संतोकबेन ने हत्यारों से बदला लेने के लिए अपराध की दुनिया में कदम रखा और फिर लेडी डॉन बन गईं।