मोरबी विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की है। यहां भाजपा उम्मीदवार कांतिलाल अमृतिया ने कांग्रेस के जयंतिलाल जेराजभाई पटेल को बड़े अंतर से हरा दिया। उन्होंने 62079 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है। वहीं आम आदमी पार्टी ने के प्रत्याशी पंकज कांतीलाल राणसरिया तीसरे नंबर पर रहे। वहीं इस जिले की टंकारा सीट पर भी भाजपा ने जीत हासिल की है। यहां से दुर्लभजीभाई हरखजीभाई देथरिया ने 10256 वोटों से जीत हासिल की है। वहीं वांकानेर सीट से जितेंद्र कांतिलाल सोमानी ने कांग्रेस प्रत्याशी को हराया है। 2017 के चुनाव में ये तीनों सीटें कांग्रेस के खाते में गई थीं।
बता दें कि 29 अक्तूबर की शाम मोरबी के मच्छु नदी पर लगा ब्रिज भारी वजन के चलते टूट गया। जिसके चलते इस हादसे में 135 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 177 लोगों को रेस्क्यू किया गया था। इस हादसे के बाद यह सीट चर्चा में आ गई। कांग्रेस व आम आदमी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी को निशाने पर लिया और भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए।
मोरबी पुल हादसे के तुरंत बाद खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद प्रधानमंत्री अस्पताल में घायलों से मिलने भी गए। इस कदम ने हादसे के बाद लोगों के गुस्से को काफी हद तक कम किया। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी ने अपने कई कद्दावर नेताओं को इस सीट पर चुनाव प्रचार के लिए उतारा। भाजपा के फायरब्रांड नेता यूपी के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ के आलवा शिवराज सिंह चौहान व स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने यहां जनसभाएं कीं। इसके अलावा भाजपा ने यहां अपने मौजूदा विधायक का टिकट काट कर मोरबी नदी में कूदकर लोगों की जान बचाने वाले कांतिलाल अमृतिया को टिकट दिया था। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के अलावा कांग्रेस के इमरान प्रतापगढ़ी भी यहां पहुंचे थे।
कांतिलाल अमृतिया साल 2012 में लगातार पांचवी बार गुजरात चुनाव में मोरबी सीट से विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्हें मोरबी और आसपास के लोगों के बीच "कान्हाभाई" के नाम से जाने जाते हैं। उन्होंने कृषि और उद्योग में काम किया है। मोरवी बांध की विफलता के कारण आई बाढ़ के दौरान, 1970 के दशक में, यहां तक कि एक युवा लड़के के रूप में, उन्होंने पीड़ितों के पुनर्वास के लिए स्वेच्छा से सेवा की। एक युवा के रूप में, वह एक छात्र संगठन, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हो गए और भ्रष्टाचार विरोधी नव निर्माण आंदोलन में भी शामिल हुए थे।
2017 के विधानसभा चुनाव में मोरबी जिले की तीनों विधानसभा सीट कांग्रेस के खाते में गई थीं। मोरबी विधानसभा की बात करें तो ब्रजेश मेरजा ने कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी, लेकिन बाद में वे भाजपा में चले गए। इसके बाद 2020 में उपचुनाव हुआ था। इसमें मेरजा जीते थे। जिले की अन्य दो सीटों में टंकारा में कांग्रेस के ललीतभाई कगथरा और वांकानेर में मोहम्मद जावेद अब्दुल मुतालिब पीरजादा ने जीत हासिल की थी। पिछले चुनाव में यहां 73 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ था।