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Gujarat Election: गुजरात की विरमगाम सीट बनी हॉट सीट, कांग्रेस के इस गढ़ को भेदने के लिए BJP ने बनाई यह रणनीति

Tue, 15 Nov 2022 07:58 PM IST
Harendra Chaudhary विरमगाम, गुजरात से आशीष तिवारी की रिपोर्ट

सार

Gujarat Election: हार्दिक पटेल के नामांकन में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र भाई मंजूपरा ने अमर उजाला डॉट कॉम से बातचीत में बताया कि भाजपा इस बार पिछली बार की तुलना से बहुत ज्यादा सीटें लेकर सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र में आने वाली वीरमगाम सीट पर हार्दिक पटेल न सिर्फ विजयी होंगे, बल्कि अब तक की सबसे बड़ी जीत भी हार्दिक पटेल की ही होगी...
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विरमगाम में नामांकन से पहले हार्दिक पटेल की जनसभा - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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अहमदाबाद मुंद्रा हाइवे से तकरीबन 60 किलोमीटर अंदर विरमगाम तालुका पड़ता है। हाइवे पर एक होटल वाले से जब गांव जाने का रास्ता पूछा, तो उसने कहा कि आप हार्दिक पटेल के गांव जाना चाह रहे हो। हां में सिर हिलाया, तो उसने कहा की दूरी तो महज 6 किलोमीटर है, लेकिन आपको आज जाने में डेढ़ से दो घंटे लग जाएंगे। क्योंकि आज युवा नेता का नामांकन है। सड़कों पर चलने की जगह नहीं है। हाइवे से तकरीबन छह किलोमीटर अंदर पहुंचने में वक्त डेढ़ घंटे का ही लगा, लेकिन जो भीड़ थी वह सिर्फ विरमगाम विधानसभा के साथ साथ समचे गुजरात से पहुंची हुई थी। दरअसल जिस विरमगाम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने इस बार युवा पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को चुनावी मैदान में उतारा है, वह कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। बीते दो टर्म से भाजपा की बड़ी ताकत के बाद भी कांग्रेस ने इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। स्थानीय लोगों में क्षेत्र में विकास ना होने को लेकर नाराजगी जरूर है।

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विरमगाम में नामांकन से पहले हार्दिक पटेल की जनसभा - फोटो : Amar Ujala

हार्दिक पटेल ने दाखिल किया नामांकन

मंगलवार सुबह तकरीबन 10 बजे का वक्त था और विरमगाम चौराहे पर पांव रखने की जगह नहीं थी। चौराहे पर ही एक पंडाल लगा था जहां भाजपा प्रत्याशी हार्दिक पटेल अपने समर्थकों के साथ मंच पर मौजूद थे। दोपहर 12 बजकर 44 मिनट पर नामांकन होना है। हार्दिक पटेल के कद का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनका नामांकन कराने के लिए केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र भाई मंजूपरा भाजपा समेत राज्य इकाई के कई नेता भी मौजूद थे। इस भीड़ में मौजूद इलाके के नवीन भाई कहते हैं कि आप जब हाइवे से वीरमगाम की ओर आए होंगे, तो आपको सड़कों पर न सिर्फ गड्ढे नजर आए होंगे, बल्कि नालियों और सीवरेज की समस्या भी देखी होगी। वह कहते हैं कि जब पूरे गुजरात में विकास हो रहा था, तो स्थानीय विधायक यहां पर किसी भी तरीके से विकास के लिए आने वाली निधि का इस्तेमाल ही नहीं कर रहे थे। नवीन भाई कहते हैं कि हार्दिक पटेल इस सीट से न सिर्फ मजबूत प्रत्याशी हैं, बल्कि उनका असर आसपास की कई विधानसभा सीटों पर भी पड़ने वाला है। इसी चौराहे पर चाय की दुकान चलाने वाले अनिरुद्ध भाई शाह का कहना है कि चौराहे पर आज भी जबरदस्त अतिक्रमण बना हुआ है। इसकी वजह बताते हुए वह कहते हैं कि जब अहमदाबाद के ज्यादातर इलाकों में मंडिया बना दी गई हैं, तो यहां पर मंडी क्यों नहीं बनाई गई। भाजपा का पक्ष लेते हुए अनुरुद्ध कहते हैं कि छोटी-छोटी मंडियों के लिए विधायक निधि से ही सभी जगह प्रयास किए गए, तो स्थानीय विधायक ने इसके लिए कोई प्रयास क्यों नहीं किए।

विरमगाम में नामांकन से पहले हार्दिक पटेल की जनसभा के लिए उमड़ी भीड़ - फोटो : Amar Ujala

आसपास के कई गांवों से पहुंचे लोग

हार्दिक पटेल के नामांकन में शिरकत करने के लिए सिर्फ अहमदाबाद और उनकी विधानसभा और गांव के लोग ही नहीं बल्कि सूरत, अमरेली राजकोट, मोरबी समेत पटेल बाहुल्य इलाके से बहुत सारे लोग नामांकन कराने पहुंचे थे। अमरेली से हार्दिक पटेल का नामांकन कराने पहुंचे जगन पटेल कहते हैं कि भाजपा ने इस बार सही प्रत्याशी का चयन किया है। हालांकि जगन का कहना है, जो फैसला हार्दिक पटेल ने जून के महीने में लिया वह फैसला उनको बहुत पहले ले लेना चाहिए था। हार्दिक पटेल ने भाजपा का दामन जून के महीने में ही थामा था। जगन कहते हैं कि हार्दिक पटेल के साथ वह पाटीदार आंदोलन में भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ चल रहे थे, बल्कि उनका पूरा संगठन और समुदाय के लोग भी हार्दिक पटेल के नामांकन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। हार्दिक पटेल के नामांकन में सिर्फ गुजरात के ही लोग नहीं, बल्कि पंजाब दिल्ली और अन्य राज्यों के समर्थक पहुंचे हुए थे। हार्दिक पटेल के मित्र हरजीत सिंह पंजाब के मोहाली से नामांकन कराने के लिए आए थे।

हार्दिक पटेल के नामांकन में शिरकत करने पहुंची, अवरोही गांव की सरपंच अंबाबेन पटेल कहती हैं कि हार्दिक रिश्ते में उनका भतीजा लगता है। वह कहती हैं कि हार्दिक उनके गांव का लड़का है, इसलिए पूरा गांव इलाका और तालुका उसके साथ जुड़ा हुआ है। अंबा बीन के साथ आई महिलाओं ने बताया कि हार्दिक पटेल से उन्हें उम्मीदें इसलिए ज्यादा हैं, क्योंकि युवा होने के साथ-साथ उसके अंदर संघर्ष करने की क्षमता भी है। हालांकि इसी चौराहे पर फल लगाने वाले अजहरुद्दीन कहते हैं कि यह इलाका कांग्रेस का गढ़ है। यहां पर बीते 10 साल से भाजपा तमाम कोशिशों और मजबूतियों के बाद भी अपना प्रत्याशी नहीं जिता पाई है। इस इलाके में गाड़ी के स्पेयर पार्ट्स की दुकान करने वाले हरिहर दवे कहते हैं कि इस इलाके में जातीय समीकरण ही ऐसे हैं कि लाख कोशिशों के बाद भाजपा अपने प्रत्याशी को नहीं जीता पाती है। हालांकि उनका कहना है इस बार हार्दिक पटेल जैसे युवा नेता को टिकट देकर पार्टी ने बहुत हद तक तस्वीर बदलने की कोशिश तो जरूर की है। इस इलाके के लाला भाई बड़गाम कहते हैं कि हार्दिक पटेल स्थानीय होने के साथ युवाओं के चहेते भी हैं। यही वजह है कि आप इस भीड़ में युवा चेहरे देख सकते हैं। लाला भाई कहते हैं की भाजपा की तो सरकार बनेगी ही लेकिन उनकी ख्वाहिश अपने नेता को मंत्री बनते हुए भी देखना है।
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भाजपा ने युवा चेहरे पर लगाया दांव

अहमदाबाद जिले की विरमगाम सीट पर 2017 में कांग्रेस के लाखा भाई भीखाभाई भरवाड विधायक चुने गए थे। लाखा भाई ने 2017 में भाजपा के डॉक्टर तेजश्रीबेन डीके पटेल को तकरीबन सात हजार वोटों से हराया था। जबकि 2012 में इसी सीट पर एक बार और भाजपा को कांग्रेस ने मैदान से बाहर किया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार युवा चेहरे पर भाजपा ने दांव लगाया है, तो स्थानीय लोगों को विकास की उम्मीद है दिख रही हैं।

हार्दिक पटेल नामांकन में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र भाई मंजूपरा ने अमर उजाला डॉट कॉम से बातचीत में बताया कि भाजपा इस बार पिछली बार की तुलना से बहुत ज्यादा सीटें लेकर सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र में आने वाली वीरमगाम सीट पर हार्दिक पटेल न सिर्फ विजयी होंगे, बल्कि अब तक की सबसे बड़ी जीत भी हार्दिक पटेल ही लेंगे। उनका कहना है कि स्थानीय विधायक ने उपेक्षा करते हुए विकास निधि का न तो बेहतर इस्तेमाल किया, न ही जनता की समस्याओं के लिए खड़े रहे। यही वजह है कि इस बार युवा नेता हार्दिक पटेल क्षेत्र की सेवा के लिए चुनावी मैदान में उतरे हैं।

फिलहाल पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ने उतरे 28 वर्षीय हार्दिक पटेल ने अमर उजाला डॉट कॉम से बातचीत में कहा कि अपने क्षेत्र के विकास के साथ-साथ पूरे गुजरात के विकास के लिए नरेंद्र मोदी को मजबूत करना है। वह कहते हैं कि परिणाम आने दीजिए गुजरात में इस बार तस्वीर बदली हुई नजर आएगी। यह पूछने पर कि चुनावी लड़ाई किससे है, तो इस सवाल पर उन्होंने कहा कि गुजरात में भाजपा एकतरफा चुनाव जीत रही है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर हार्दिक पटेल ने कहा कि सिर्फ नामांकन में पहुंचे हुजूम को देखकर आप पूरे गुजरात में विपक्षी पार्टियों का अंदाजा लगा सकते हैं।
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