गुजरात में पिछड़ी जाति के मसीहा बनकर उभरे अल्पेश ठाकोर ने कांग्रेस का दामन थामने का ऐलान किया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अल्पेश ने कहा है कि वे 23 अक्टूबर को गुजरात में होने वाली रैली के बीच कांग्रेस में शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि इस रैली में राहुल गांधी भी शामिल होंगे। तो पटेल नेता हार्दिक पटेल और दलित नेता जिग्रेश मवानी ने कांग्रेस को साथ देने के संकेत पहले ही दे दिए हैं।
अल्पेश के कांग्रेस में जाने के ऐलान को कांग्रेस की बड़ी रणनीतिक जीत मानी जा रही है। वे उत्तर गुजरात के बनासकांठा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ सकते हैं। अल्पेश के कांग्रेस में जाने के ऐलान को भाजपा के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा है।
भाजपा आलाकमान भी परदे के पीछे से अल्पेश को साधने में जुटी हुई थी। मगर अल्पेश की बाजी कांग्रेस ने मार ली है। बताया जा रहा है कि अल्पेश को साधने के पीछे कांग्रेस महासचिव अहमद पटेल का बड़ा योगदान है। अक्टूबर के शुरूआत में अल्पेश ने दिल्ली आकर पटेल से मुलाकात भी की थी।
जातिगत गणित में कांग्रेस ने मारी भाजपा पर बाजी
अल्पेश के कांग्रेस का दामन थामने से भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। गुजरात में पिछड़ों की वोट प्रतिशत करीब 54 प्रतिशत है। और बीते दो वर्षों में अल्पेश पिछड़ों के बड़े चेहरा बनकर उभरे हैं। अल्पेश ने कांग्रेस का दामन थामने के ऐलान के साथ गुजरात के किसानों की समस्या, बेरोजगारी और अवैध शराब के व्यवसाय को लेकर भाजपा पर हमला बोला है।