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गुजरात चुनाव: यूपी की जीत देगी भाजपा को संजीवनी

Sat, 02 Dec 2017 02:56 PM IST
संजय मिश्र, नई दिल्ली
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pm modi
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गुजरात विधानसभा चुनाव के ऐन मौके पर भाजपा के पक्ष में आए यूपी निकाय चुनावों के परिणाम पार्टी के लिए संजीवनी साबित हो सकती है। जीएसटी और आरक्षण मामले को लेकर नाराज चल रहे पाटीदारों के वजह से गुजरात चुनाव में भाजपा को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन चुनाव के ऐन मौके पर यूपी सरीखे प्रदेश से निकले जनादेश से गुजरात में पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा। तो यूपी के नतीजों के बाद भाजपा के नेताओं के भाषण की शैली भी बदली है। 
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भाजपा के लिए दोहरी खुशी इस बात की है कि एक तो देश के सबसे बड़े सूबे में उसका जलवा बरकरार है वहीं दूसरी ओर विपक्ष के रूप में उसके सामने खड़ी कांग्रेस की हालत और पतली हुई है। पार्टी का अध्यक्ष बनने जा रहे राहुल गांधी और कांग्रेस की अपनी ही संसदीय सीट अमेठी में बुरी तरह हार हुई है। 

अमेठी की हार को भाजपा ने गुजरात में प्रचारित करना शुरू भी कर दिया है। गुजरात में भाजपा के मजबूत काडर से मुकाबला कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मनोबल पर अमेठी की हार का विपरित असर पड़ेगा। अब तक राहुल गांधी भाजपा के गुजरात मॉडल पर सवाल उठा रहे थे।
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लेकिन अमेठी की हार से उनके आरोपों को शायद उतनी ताकत नहीं मिलेगी, जितनी पहले देखी जा रही थी। इसे ध्यान में रखते हुए ही भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। स्मृति ईरानी ने अमेठी की हार को लेकर राहुल पर तंज कसा है कि जो अमेठी नहीं जीत सकता है वह गुजरात क्या जीतेगा। वैसे भाजपा ने यूपी निकाय के परिणामों को भुनाना शुरू कर दिया है। 

यूपी निकाय चुनाव परिणामों को भुनाने में जुटी भाजपा 

यूपी निकाय चुनाव के परिणामों को गुजरात में भुनाने की कवायद में भाजपा ने सूबे में मिली ऐतिहासिक जीत को बढ़ाचढ़ा कर पेश किया है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से लेकर सरकार के सभी वरिष्ठ मंत्रियों ने निकाय परिणामों को पीएम मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यों पर जनता की मुहर करार दिया है।

अमित शाह ने निकाय चुनावों में पार्टी की ऐतिहासिक जीत पर योगी और सूबे के संगठन को बधाई देते हुए कहा है कि पीएम मोदी की सबका साथ, सबका विकास नीति और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की सुशासन एवं लोक-कल्याण कारी योजनाओं के प्रति राज्य की जनता की आस्था और विश्वास की जीत है। 

उन्होंने कहा है कि यूपी के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की अभूतपूर्व विजय पीएम मोदी के विजन और भाजपा की पॉलिटिक्स ऑफ़ परफॉरमेंस की नीति में जनता की अटूट आस्था का एक और उदाहरण है। जनता ने आर्थिक सुधारों को सहर्ष स्वीकार किया है और जातिवाद,परिवारवाद और तुष्टिकरण की राजनीति को फिर से खारिज किया है।

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यूपी के परिणामों को गुजरात से जोड़ते हुए शाह ने कहा कि जनता का यही अखंड आशीर्वाद हमें गुजरात चुनाव में भी मिलने जा रहा है। 18 दिसंबर को भी गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भी ऐसे ही परिणामों की पुनरावृत्ति होगी। वहीं अरूण जेटली ने यूपी निकाय के चुनव परिणामों को जीएसटी और नोटबंदी पर जनता की मुहर करार दिया है। 
 
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गुजरात में भाजपा के लिए कैसे बनेगी संजीवनी 

- फोटो : अमर उजाला
यूपी के निकाय चुनाव गुजरात में भाजपा के लिए संजीवनी के रूप में इसलिए साबित होंगे क्योंकि यहां मुकाबला कांग्रेस बनाम भाजपा के बीच में है। सूबे में हार्दिक पटेल की रैलियों में जुट रही भीड़ से भाजपा के कार्यकर्ताओं पर भी अपनी जीत को लेकर संशय दिख रहा था।

तो पीएम मोदी की सूबे से गैर मौजूदगी भी पार्टी को अखर रही है। उपर से जीएसटी और नोटबंदी की मार ने माहौल खराब किया हुआ है। अब यूपी में दोबारा से भाजपा का डंका बजने के बाद गुजरात में भी पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा। अपने नेतृत्व पर उनका विश्वास और गहरा होगा कि उनके नेता विपरीत परिस्थितियों में भी चुनाव जितवाने का दम रखते हैं। 

पार्टी ने यूपी में यह प्रदर्शन पीएम मोदी और अमित शाह के बगैर किया है। इससे योगी के नेतृत्व पर भी जनता की मुहर लग गई है। अब योगी का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। अन्य नेताओं के साथ वे भी गुजरात में हमलावर होंगे। उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने निकाय चुनावों के परिणाम पर कहा है कि यूपी की संजीवनी लेकर वे गुजरात जा रहे हैं। वहां भी कांग्रेस को बुरी तरह परास्त करेंगे। कांग्रेस के लिए मुश्किल यह है कि पार्टी का प्रदर्शन न सिर्फ पूरे यूपी बल्कि उसके गढ़ अमेठी में भी बदत्तर रहा है।

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 अमेठी लोकसभा के तहत आने वाली दोनों नगरपालिकाओं अमेठी और गौरीगंज में न सिर्फ कांग्रेस की हार हुई है बल्कि उसके उम्मीदवार तीसरे—चौथे स्थान पर चले गए हैं। अमेठी नगर पालिका पर पहले कांग्रेस का कब्जा था इस दफे भाजपा की जीत हुई है। तो गौरी गंज में सपा ने अपना कब्जा बरकरार रखा है। यहां कांग्रेस उम्मीदवार को चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा है। यहां कि नगर पंचायतों में भी कांग्रेस की दुर्गती हुई है।

 यूपी के अब तक के ज्ञात परिणामों में 16 नगर निगम, 198 नगर पालिका परिषद और 438 नगर पंचायतों में तीन चरणों में चुनाव हुए थे। अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 नगर निगम में भाजपा ने 14 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि नगर पालिका परिषद् और नगर पंचायतों की सीटों पर अन्य विपक्षी दलों की तुलना में कहीं आगे चल रही है।

भाजपा ने अयोध्या, वाराणसी, मथुरा, इलाहाबाद, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, आगरा, झांसी सहित लगभग सभी क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन किया है जबकि सपा, बसपा और कांग्रेस का पूरी तरह से सफाया हो गया है। कांग्रेस नगर निगम की एक भी सीट नहीं जीत पाई है। यही नहीं राहुल गांधी और सोनिया गांधी के लोकसभा क्षेत्र अमेठी और रायबरेली में भी कांग्रेस को भारी पराजय का मुंह देखना पड़ा है।
 
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