कच्छ जिले की रापर सीट पर इस चुनाव से पहले एक उपचुनाव समेत 15 चुनाव हो चुके हैं। इस बार भाजपा ने यहां से वीरेंद्रसिंह बहादुरसिंह जडेजा को अपना उम्मीदवार बनाया था। जडेजा ने 2017 के चुनाव में कच्छ जिले की ही मांडवी सीट से गुजरात कांग्रेस के दिग्गज नेता शक्ति सिंह गोहिल को हराया था। कांग्रेस ने इस बार बच्चूभाई अरेठिया को टिकट दिया था।
इस चुनाव के नतीजे पर जाएं तो यहां एक बार फिर भाजपा को जीत मिली है। भाजपा के वीरेंद्रसिंह जडेजा ने कांग्रेस के बच्चूभाई अरेठिया को महज 577 वोटों से हरा दिया। हालांकि, भाजपा की इस जीत में नोटा ने निर्णायक भूमिका निभाई। यहां जीत-हार के अंतर से ज्यादा नोटा को 3,942 वोट मिले।
2017 में कांग्रेस ने की थी दमदार वापसी
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा को हार झेलनी पड़ी थी। कांग्रेस की उम्मीदवार संकोतबेन बच्चूभाई अरेठिया ने भाजपा के पंकज भाई मेहता को 15 हजार वोटों से हराया था। इस चुनाव में कुल 13 उम्मीदवार मैदान में थे। कांग्रेस व भाजपा उम्मीदवारों के अलावा बाकी 11 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। वहीं, 2012 में हुए चुनाव में भाजपा यहां से जीती थी। भाजपा उम्मीदवार वाघाजी भाई पटेल ने कांग्रेस के बाबूलाल गडा को नौ हजार वोटों से हराया था।
2017 में कांग्रेस ने भाजपा को जीत की हैट्रिक लगाने से रोका
ये सीट गुजरात के दोनों मुख्य दलों भाजपा व कांग्रेस के लिए वर्चस्व का सवाल रही है। इस सीट पर कांग्रेस ने भाजपा की तुलना में ज्यादा अच्छा प्रदर्शन किया है और 15 में से सात चुनाव जीते हैं। 2012, 2022 एवं 2014 (उपचुनाव) में यहां भाजपा को जीत मिली।
2017 में कच्छ जिले में भाजपा ने जीती थी चार सीटें
रापर सीट, कच्छ जिले के अंतर्गत आने वाली छह सीटों में से एक है। 2017 में जिले की छह में से चार सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं, कांग्रेस सिर्फ दो सीट पर ही जीत दर्ज करने में सफल रही थी।
इस बार कैसे रहे गुजरात के नतीजे?
इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।