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पुलिस का दावा, झूठी थी मूंछ की वजह से दलित की पिटाई की बात, चाहता था मीडिया कवरेज

Sat, 07 Oct 2017 02:10 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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गुजरात में इन दिनों मूंछों को लेकर विवाद चल रहा है, कुछ दलितों द्वारा अलग-अलग मौकों पर आरोप लगाया गया कि मूंछें रखने के कारण उनकी पिटाई हुई। लेकिन अब पुलिस द्वारा दावा किया गया है कि दिगंत महेरिया नाम के जिस लड़के की वजह से विवाद बढ़ा उसने झूठा आरोप लगाया था। 
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पुलिस का दावा है कि महेरिया ने खुद कबूल लिया है कि उसने मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह सब किया था। पुलिस का दावा है कि महेरिया ने कहा कि ब्लेड से वार भी उसके दोस्तों ने ही किया था।

पढ़ें: मूंछ रखने पर दलित को मारा ब्लेड, एक हफ्ते में तीसरा हमला

इससे पहले महेरिया ने दावा किया था कि मूंछ रखने की वजह से कुछ ऊंची जाति के लोगों ने उसपर ब्लेड से हमला कर दिया था। इससे पहले मूंछ की वजह से ही कथित दो और मामले सामने आ चुके थे, लेकिन महेरिया पर हुए हमले के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। लगभग 300 दलितों ने अपने व्हाट्सअप पर मूंछ वाली फोटो लगा ली है। उसके साथ मिस्टर दलित लिखा था जिसके ऊपर ताज भी लगा हुआ था।
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पुलिस ने क्या कहा?

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एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, पुलिस अफसर वीरेंद्र यादव ने बताया कि शिकायत दर्ज होने के बाद फोरेंसिक टीम उस जगह गई थी जहां पर हमला होने की बात कही गई थी, लेकिन उनको वहां खून के कोई निशान नहीं मिले। पुलिस अफसर के मुताबिक, लड़के ने मारपीट की ऐसी जगह बताई थी जहां मिट्टी थी लेकिन उसके कपड़ों पर ऐसे कोई निशान नहीं थे।

पुलिस के  मुताबिक, महेरिया ने अपने दोस्तों से ब्लेड मारने को कहा था, दोस्ते शुरुआत में रॉड मारने को राजी थे जिन्हें बाद में ब्लेड से हमला करने के लिए राजी किया गया।
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